Odisha : ढेंकनाल में हाथी की हत्या के आरोप में तीन गिरफ्तार

Update: 2026-06-02 04:19 GMT

Odisha ओडिशा: ओडिशा के ढेंकनाल जिले में एक हाथी की हत्या कर उसके शव को दफनाने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार लोगों में आम के बगीचे के मालिक कुबेर राज, चौकीदार राजू चौधरी और खुदाई मशीन चालक कुनु भूटिया शामिल हैं। यह कार्रवाई वन विभाग और स्थानीय पुलिस की संयुक्त छापेमारी के बाद की गई।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, एक नर हाथी कुछ दिन पहले पके आम खाने की तलाश में ढेंकनाल के हिंडोल इलाके में स्थित कुबेर राज के आम के बगीचे में घुस गया था। इसी दौरान बगीचे के मालिक और कर्मचारियों पर आरोप है कि उन्होंने हाथी को रोकने के लिए सौर बाड़ (सोलर फेंसिंग) को अवैध रूप से हाई-वोल्टेज बिजली तार से जोड़ दिया, जिससे हाथी को करंट लग गया और उसकी मौत हो गई।

घटना के बाद आरोपियों ने कथित रूप से सबूत छिपाने की कोशिश की और जेसीबी या खुदाई मशीन की मदद से हाथी के शव को बगीचे के अंदर ही दफना दिया। यह पूरा मामला गुप्त रूप से किया गया, ताकि किसी को इसकी जानकारी न हो सके।

मामले का खुलासा एक गुप्त सूचना के आधार पर हुआ। सूचना मिलने के बाद वन विभाग के अधिकारी और पुलिस की टीम ने सोमवार को बगीचे में छापा मारा। जांच के दौरान अधिकारियों ने खुदाई कर हाथी का शव बरामद किया। इसके बाद मौके से खुदाई मशीन को भी जब्त कर लिया गया।

वन विभाग ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि हाथी की मौत करंट लगने से हुई है और उसके बाद शव को छिपाने के लिए दफनाया गया था। अधिकारियों ने कहा कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और इसमें अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।

इस घटना के बाद इलाके में वन्यजीव संरक्षण को लेकर चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि मानव और हाथियों के बीच संघर्ष के मामलों में ऐसी घटनाएँ गंभीर समस्या को दर्शाती हैं। खेतों और बागानों में अवैध बिजली तार या हाई-वोल्टेज करंट का उपयोग वन्यजीवों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है।

वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों की सुरक्षा से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी कहा कि हाथियों के प्राकृतिक आवागमन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की अवैध बिजली फेंसिंग पूरी तरह से प्रतिबंधित है।

स्थानीय पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार तीनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। आरोपियों पर वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत गंभीर धाराएँ लगाई जा सकती हैं।

यह घटना न केवल वन्यजीव सुरक्षा पर सवाल उठाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि मानव गतिविधियों और वन्यजीवों के बीच बढ़ते टकराव को रोकने के लिए सख्त निगरानी और जागरूकता की आवश्यकता है।

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