Odisha : पत्नी की अश्लील तस्वीरें वायरल करने के आरोप में व्यक्ति गिरफ्तार
Odisha ओडिशा: पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिस पर अपनी पत्नी की अश्लील तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित करने और धमकी देकर शारीरिक शोषण कराने के गंभीर आरोप लगे हैं। आरोपी पर यह भी आरोप है कि उसने निजी वीडियो वायरल करने की धमकी देकर महिला को अन्य पुरुषों के साथ संबंध बनाने के लिए मजबूर किया।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान ओडिशा के बालासोर जिले के तलधानदा गांव निवासी बिश्वनाथ गिरी के रूप में हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बिश्वनाथ की शादी उसी महिला से हुई थी और शादी के बाद वह उसे जमशेदपुर ले आया, जहां दोनों साथ रहने लगे थे।
जानकारी के अनुसार, महिला का आरोप है कि उसके पति ने उसकी अनुमति के बिना मोबाइल फोन से उनके निजी पलों को रिकॉर्ड किया और उन रिकॉर्डिंग्स को अपने पास रख लिया। बाद में उसने इन्हीं तस्वीरों और वीडियो का इस्तेमाल महिला को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के लिए किया।
आरोप है कि बिश्वनाथ गिरी ने अपनी पत्नी पर अन्य पुरुषों के साथ शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाया। जब महिला ने इसका विरोध किया और इनकार किया, तो आरोपी ने कथित तौर पर धमकी दी कि वह उसके निजी वीडियो और तस्वीरों को सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा।
पीड़िता के अनुसार, आरोपी की इन धमकियों और दबाव के कारण वह लंबे समय तक मानसिक तनाव में रही। बाद में उसने हिम्मत जुटाकर मामले की शिकायत पुलिस से की। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और जांच शुरू की।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आरोपों को गंभीर पाया गया, जिसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। उससे पूछताछ की जा रही है और मामले से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि मोबाइल फोन और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से जुड़े साक्ष्यों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि वीडियो और तस्वीरों का दुरुपयोग कैसे किया गया।
यह मामला साइबर अपराध, घरेलू हिंसा और यौन शोषण से जुड़े गंभीर आरोपों की श्रेणी में आता है। पुलिस ने कहा है कि पीड़िता की सुरक्षा और गोपनीयता को प्राथमिकता दी जा रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
स्थानीय स्तर पर यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है, और लोगों ने इस तरह के अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने भी आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच की जाएगी।
कुल मिलाकर, यह घटना डिजिटल माध्यमों के दुरुपयोग, घरेलू शोषण और साइबर अपराध के गंभीर पहलुओं को उजागर करती है, जिस पर कानून प्रवर्तन एजेंसियां कड़ी नजर बनाए हुए हैं।