ओडिशा के किसानों को मिलेगा आधार जैसा यूनिक नंबर, शुरू हुआ Agristack ID के लिए रजिस्ट्रेशन
भुवनेश्वर। ओडिशा में किसानों को अब जल्द ही आधार की तरह एक अलग और विशिष्ट पहचान संख्या मिलने जा रही है। राज्य सरकार ने किसानों के लिए Agristack ID तैयार करने की दिशा में पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस यूनिक आईडी का उद्देश्य किसानों से जुड़ी जानकारी को एक डिजिटल व्यवस्था में जोड़ना और उन्हें सरकारी योजनाओं तथा खेती से संबंधित विभिन्न सेवाओं का लाभ अधिक आसानी और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराना है।
सरकार की इस पहल के तहत राज्य के किसानों का पंजीकरण किया जा रहा है। फिलहाल पंजीकरण की प्रक्रिया सहकारी समितियों के माध्यम से संचालित की जा रही है। किसानों को अपनी जानकारी दर्ज कराने के लिए संबंधित सहकारी समिति तक पहुंचना होगा। हालांकि, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी कारणवश सहकारी समिति तक नहीं पहुंच पाने वाले किसानों को इस सुविधा से वंचित नहीं किया जाएगा।
ऐसे किसानों तक सरकारी कर्मचारी स्वयं पहुंचेंगे और उनके घर या उनकी सुविधा के अनुसार किसी अन्य स्थान पर जाकर पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करेंगे।
किसानों के लिए बनेगी अलग डिजिटल पहचान
Agristack ID को किसानों के लिए एक विशिष्ट डिजिटल पहचान के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य किसान से जुड़ी विभिन्न जानकारियों को एकीकृत डिजिटल व्यवस्था से जोड़ना है।
कृषि क्षेत्र में किसानों को कई तरह की सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ मिलता है। इनमें कृषि सहायता, बीज, खाद, सिंचाई, फसल से जुड़ी सुविधाएं, वित्तीय सहायता और अन्य कल्याणकारी योजनाएं शामिल हो सकती हैं। अलग-अलग योजनाओं के लिए बार-बार दस्तावेज और जानकारी उपलब्ध कराने की प्रक्रिया किसानों के लिए कई बार जटिल हो जाती है।
Agristack ID के जरिए इस प्रक्रिया को सरल बनाने की कोशिश की जा रही है। एक बार किसान की पहचान और संबंधित जानकारी डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज होने के बाद विभिन्न सरकारी सेवाओं से उसे जोड़ना आसान हो सकता है।
सहकारी समितियों के जरिए पंजीकरण
राज्य में वर्तमान में किसानों के पंजीकरण का काम सहकारी समितियों के माध्यम से किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में सहकारी समितियां किसानों के साथ सीधे जुड़ी होती हैं, इसलिए उन्हें पंजीकरण अभियान का महत्वपूर्ण माध्यम बनाया गया है।
किसानों को संबंधित समिति के माध्यम से अपना विवरण उपलब्ध कराना होगा। पंजीकरण के दौरान किसान से जुड़ी आवश्यक जानकारी दर्ज की जाएगी। इसके बाद प्रक्रिया पूरी होने पर किसान को उसकी विशिष्ट Agristack ID उपलब्ध कराई जाएगी।
सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक किसानों को इस डिजिटल पहचान व्यवस्था से जोड़ना है, ताकि कृषि क्षेत्र में सरकारी सेवाओं की पहुंच को बेहतर बनाया जा सके।
समिति तक नहीं पहुंच पाने वालों के लिए भी व्यवस्था
कई ग्रामीण और दूरदराज इलाकों में रहने वाले किसानों के लिए सहकारी समिति तक पहुंचना आसान नहीं होता। उम्र, दूरी, स्वास्थ्य, परिवहन या अन्य व्यक्तिगत कारणों से कुछ किसान पंजीकरण केंद्र तक नहीं पहुंच पाते हैं।
सरकार ने इस समस्या को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था भी की है। ऐसे किसानों को पंजीकरण से बाहर नहीं किया जाएगा। सरकारी अधिकारी और संबंधित कर्मचारी उनके घर या किसी अन्य सुविधाजनक स्थान पर जाकर पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करेंगे।
इस व्यवस्था से विशेष रूप से बुजुर्ग किसानों, दिव्यांग किसानों और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले किसानों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
योजनाओं का लाभ पहुंचाना होगा आसान
Agristack ID का एक प्रमुख उद्देश्य किसानों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया को आसान बनाना है। किसान की पहचान से जुड़ी जानकारी डिजिटल रूप से उपलब्ध होने के कारण सरकारी विभागों के लिए पात्र लाभार्थियों की पहचान करना आसान हो सकता है।
इससे योजनाओं का लाभ सही किसान तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है। साथ ही सरकारी स्तर पर रिकॉर्ड तैयार करने और योजनाओं की निगरानी करने में भी सुविधा होने की उम्मीद है।
डिजिटल पहचान व्यवस्था के माध्यम से किसानों से जुड़ी सेवाओं को एकीकृत करने की दिशा में भी काम किया जा सकता है। इससे कृषि विभाग और अन्य संबंधित संस्थाओं के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान में सुविधा हो सकती है।
पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर
कृषि योजनाओं में लाभार्थियों की सही पहचान बेहद महत्वपूर्ण होती है। डिजिटल रिकॉर्ड के जरिए पात्र किसानों की पहचान और योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी को अधिक व्यवस्थित किया जा सकता है।
Agristack ID व्यवस्था से सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ाने और डुप्लीकेट या गलत रिकॉर्ड की समस्या कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, इस पूरी व्यवस्था की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि किसानों का डेटा कितनी सटीकता से दर्ज किया जाता है और उसकी सुरक्षा के लिए क्या उपाय किए जाते हैं।
किसानों के लिए डिजिटल कृषि व्यवस्था की ओर कदम
ओडिशा सरकार की यह पहल राज्य में कृषि सेवाओं को डिजिटल रूप से मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। किसानों की विशिष्ट पहचान तैयार होने के बाद भविष्य में उन्हें अलग-अलग कृषि सेवाओं से जोड़ना अधिक आसान हो सकता है।
सरकार की कोशिश है कि पंजीकरण प्रक्रिया में किसी भी किसान को परेशानी न हो और राज्य के अधिकतम किसानों को इस व्यवस्था में शामिल किया जाए। इसी वजह से सहकारी समितियों के अलावा जरूरत पड़ने पर अधिकारियों के किसानों के घर तक पहुंचने की व्यवस्था की गई है।
फिलहाल पंजीकरण अभियान जारी है। आने वाले समय में Agristack ID के माध्यम से किसानों को सरकारी योजनाओं और कृषि सेवाओं से जोड़ने की प्रक्रिया को और व्यापक किए जाने की उम्मीद है। यदि यह व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू होती है तो किसानों के लिए सरकारी सुविधाओं तक पहुंच आसान होने के साथ कृषि प्रशासन को भी अधिक व्यवस्थित और डिजिटल बनाने में मदद मिल सकती है।