ओडिशा इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी की वैधता 2026 तक बढ़ी

Update: 2026-07-02 04:09 GMT

 Odisha ओडिशा: ओडिशा सरकार ने राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लागू की गई ओडिशा इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी, 2021 की वैधता को बढ़ाने का निर्णय लिया है। अब यह नीति 30 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी। इस संबंध में राज्य के कॉमर्स और ट्रांसपोर्ट विभाग की ओर से आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया गया है।

नोटिफिकेशन में स्पष्ट किया गया है कि ओडिशा इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी, 2021 के पैरा-11.5 के प्रावधानों के तहत प्राप्त शक्तियों का उपयोग करते हुए सरकार ने इसकी अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया है। इससे पहले यह नीति इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहित करने और राज्य में ईवी उद्योग को मजबूत करने के लिए लागू की गई थी।

ओडिशा सरकार ने इस नीति को 2021 में इस उद्देश्य के साथ शुरू किया था कि राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद और उपयोग को बढ़ावा दिया जाए, साथ ही इलेक्ट्रिक वाहन और उनके पुर्जों के निर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) को भी प्रोत्साहित किया जा सके। इस नीति के माध्यम से राज्य में हरित परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए गए थे।

इस नीति के तहत सरकार कई प्रकार के वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान कर रही है, ताकि लोग और उद्योग दोनों इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर आकर्षित हों। इसमें मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स के लिए इंसेंटिव, वाहन खरीद पर सब्सिडी, पुराने वाहनों को हटाने के लिए स्क्रैपिंग इंसेंटिव, लोन पर ब्याज में छूट (इंटरेस्ट सबवेंशन) और रोड टैक्स व रजिस्ट्रेशन फीस में छूट जैसे लाभ शामिल हैं।

सरकार का मानना है कि इन प्रोत्साहनों से राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में वृद्धि होगी और साथ ही स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन प्रणाली को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, यह नीति रोजगार सृजन और निवेश आकर्षित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, क्योंकि इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग तेजी से विस्तार कर रहा है।

कॉमर्स और ट्रांसपोर्ट विभाग के अनुसार, नीति की अवधि बढ़ाने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में शुरू हुई प्रगति बाधित न हो और निवेशकों तथा उपभोक्ताओं को स्थिर नीति वातावरण मिलता रहे। इससे राज्य में EV सेक्टर में दीर्घकालिक विकास की संभावना मजबूत होगी।

पिछले कुछ वर्षों में ओडिशा में इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर जागरूकता बढ़ी है और धीरे-धीरे लोग पारंपरिक ईंधन वाहनों की जगह ईवी अपनाने लगे हैं। सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी और छूट ने इस बदलाव को और गति दी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि नीति की अवधि बढ़ाए जाने से राज्य में EV इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे चार्जिंग स्टेशन और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स के विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी, बल्कि पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता भी कम होगी।

सरकार ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को और मजबूत बनाने के लिए नई योजनाएं भी लाई जा सकती हैं। इसके तहत चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार और स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

फिलहाल इस निर्णय को ओडिशा में हरित ऊर्जा और स्वच्छ परिवहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे राज्य के विकास मॉडल में पर्यावरण-अनुकूल परिवहन प्रणाली को और मजबूती मिलेगी।

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