Odisha ओडिशा: मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (OMSA) के बैनर तले राज्य के सरकारी डॉक्टरों ने बुधवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। इस हड़ताल के चलते पूरे राज्य में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो गई हैं और मरीजों को इलाज के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
डॉक्टरों ने राज्य सरकार पर अपनी 10 सूत्री मांगों को पूरा करने का दबाव बनाते हुए कामकाज पूरी तरह बंद कर दिया है। इसके साथ ही कई सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं प्रभावित हुई हैं और सामान्य चिकित्सा व्यवस्था बाधित हो गई है।
भुवनेश्वर, कटक और ओडिशा के अन्य प्रमुख शहरों में सरकारी अस्पतालों में कार्यरत डॉक्टरों ने काम से दूरी बनाते हुए प्रदर्शन किया। अस्पताल परिसरों के बाहर बड़ी संख्या में डॉक्टरों ने एकत्र होकर अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की और विरोध दर्ज कराया।
OMSA के अनुसार, यह निर्णय इसलिए लिया गया क्योंकि राज्य सरकार पिछले लगभग डेढ़ साल से उनकी मांगों को पूरा करने में असफल रही है। संगठन का कहना है कि कई बार बातचीत और आश्वासन के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे डॉक्टरों में असंतोष बढ़ता गया।
एसोसिएशन ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि हड़ताल 1 जुलाई से शुरू की जाएगी, जिसे डॉक्टर्स डे के अवसर पर और अधिक प्रतीकात्मक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा था। हालांकि, इससे पहले ही सरकार की ओर से हड़ताल को टालने के प्रयास किए गए।
राज्य सरकार ने स्थिति को संभालने के लिए OMSA के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत भी की, लेकिन यह वार्ता सफल नहीं हो सकी। डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि उन्हें सरकार के आश्वासनों पर भरोसा नहीं है, इसलिए वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे।
हड़ताल के कारण राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सीधा असर पड़ा है। कई अस्पतालों में मरीजों को प्राथमिक उपचार के लिए भी लंबा इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि गंभीर मामलों में परिजन निजी अस्पतालों की ओर रुख कर रहे हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं के बाधित होने से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण हो गई है, जहां सरकारी अस्पताल ही इलाज का प्रमुख साधन हैं।
प्रशासनिक स्तर पर स्थिति पर नजर रखी जा रही है और आपातकालीन सेवाओं को आंशिक रूप से चालू रखने की कोशिश की जा रही है, लेकिन डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण व्यवस्था पर दबाव बना हुआ है।
कुल मिलाकर, ओडिशा में डॉक्टरों की इस अनिश्चितकालीन हड़ताल ने स्वास्थ्य सेवाओं को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया है और आने वाले दिनों में स्थिति और जटिल हो सकती है यदि सरकार और डॉक्टरों के बीच कोई समाधान नहीं निकलता।