Bhubaneswar.भुवनेश्वर: ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक 27 अप्रैल को आयोजित विशेष जन शिकायत सुनवाई कार्यक्रम के माध्यम से जनता की समस्याओं को सीधे सुनेंगे। यह कार्यक्रम राज्य सरकार की जनता के प्रति पारदर्शिता और सुधारात्मक प्रशासनिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने का हिस्सा है।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि यह सुनवाई ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से होगी। नागरिक अपनी शिकायतें संबंधित विभागों के माध्यम से दर्ज कर सकते हैं और उन्हें सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा। इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जनता की सुनवाई समय पर और प्रभावी तरीके से हो।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि इस सुनवाई का मुख्य लक्ष्य सभी सरकारी विभागों के कामकाज में सुधार और जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कार्यक्रम के दौरान दर्ज की गई सभी शिकायतों का तुरंत समाधान ढूंढा जाए।
सुनवाई में शामिल नागरिक अपनी स्थानीय समस्याओं, बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार से संबंधित मुद्दों को उठा सकेंगे। मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा कि पिछले वर्षों में जन शिकायत सुनवाई कार्यक्रमों के माध्यम से कई समस्याओं का सफल समाधान किया गया है और इस वर्ष भी जनता से अधिकतम सहभागिता की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने जनता से अपील की है कि वे सभी आवश्यक दस्तावेज और विवरण के साथ अपनी शिकायत दर्ज कराएं, ताकि अधिकारियों को समस्या का सही मूल्यांकन और त्वरित समाधान सुनिश्चित करने में मदद मिल सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के कार्यक्रम न केवल सरकारी कार्य प्रणाली में सुधार लाते हैं, बल्कि जनता और प्रशासन के बीच विश्वास और सहयोग भी बढ़ाते हैं। इससे यह संदेश भी जाता है कि सरकार जनहित और पारदर्शिता के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम की तैयारी में सभी संबंधित विभाग और अधिकारियों ने विशेष तौर पर ध्यान दिया है। सुनवाई के दौरान शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने की योजना बनाई गई है। इसके अलावा, कार्यक्रम में शिकायतों के समाधान की प्रगति की नियमित रिपोर्टिंग भी की जाएगी।
कुल मिलाकर, 27 अप्रैल को होने वाली जन शिकायत सुनवाई कार्यक्रम ओडिशा सरकार की जनता के प्रति सक्रिय और जवाबदेह प्रशासनिक नीति का उदाहरण है। यह अवसर जनता को सीधे मुख्यमंत्री से अपनी समस्याओं का समाधान दिलाने का प्लेटफॉर्म प्रदान करेगा और राज्य में शासन में पारदर्शिता और सुधार को मजबूत करेगा।