Odisha ओडिशा : 9 जुलाई यानी कल भारत बंद मनाया जाएगा। बैंकिंग, डाक सेवा, खनन, निर्माण और परिवहन जैसे सरकारी क्षेत्रों में काम करने वाले 25 करोड़ से ज़्यादा कर्मचारी राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल या भारत बंद में हिस्सा लेंगे।
रिपोर्ट के मुताबिक, सार्वजनिक सेवाओं में बड़े पैमाने पर व्यवधान की आशंका है। हालांकि स्कूल और निजी कार्यालय खुले रहने की संभावना है। 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और संबद्ध मज़दूरों और किसानों के संगठनों के गठबंधन ने केंद्र सरकार की “मज़दूर-विरोधी, किसान-विरोधी और कॉर्पोरेट-पक्षपाती” नीतियों के विरोध में हड़ताल का आह्वान किया है। इसके अलावा मज़दूरों के विरोध का कारण चार नए श्रम संहिताओं की शुरूआत है जो सामूहिक सौदेबाजी और हड़ताल जैसे अधिकारों को कम करती हैं।
बढ़ती बेरोज़गारी और महंगाई, स्वास्थ्य, शिक्षा और नागरिक सुविधाओं में कटौती, युवाओं को नौकरी देने के बजाय सेवानिवृत्त लोगों को काम पर रखना, 10 साल में कोई श्रम सम्मेलन नहीं होना, प्रवासी मज़दूरों को वंचित करने का प्रयास और सार्वजनिक सुरक्षा विधेयक का उपयोग करके विरोध प्रदर्शनों पर नकेल कसना। ये कुछ कारण हैं जिनकी वजह से हड़ताल का आह्वान किया जा रहा है। आगे की विस्तृत रिपोर्ट का इंतज़ार है।