भुवनेश्वर: मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शनिवार को बताया कि कंधमाल जिले के जी. उदयगिरि में भूस्खलन प्रभावित इलाकों में बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं। साथ ही, गंजाम और गजपति जिलों में चक्रवात के बाद की स्थिति से निपटने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
माझी ने यहां विशेष राहत आयुक्त (SRC) के कार्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर भूस्खलन की स्थिति और चक्रवात से दक्षिण ओडिशा के जिलों में हुए नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि लापता लोगों का पता लगाने, जरूरी सामान की आपूर्ति सुनिश्चित करने और महत्वपूर्ण सेवाओं को बहाल करने के लिए समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं।
माझी ने बताया कि भारतीय नौसेना द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली एक अत्याधुनिक 'सिस्मिक लाइफ डिटेक्शन यूनिट' (जीवन का पता लगाने वाली भूकंपीय इकाई) को हवाई मार्ग से जी. उदयगिरि भूस्खलन स्थल पर पहुंचाया गया है।
विशेष सेंसर और स्कैनिंग तकनीक से लैस यह सिस्टम मिट्टी, कीचड़ और मलबे के नीचे मौजूद जैविक संकेतों का पता लगा सकता है, जिससे बचाव कर्मियों को जीवित बचे लोगों को खोजने में मदद मिलती है।