भुवनेश्वर: ओडिशा माइनिंग कॉरपोरेशन (OMC) और हैदराबाद स्थित एटॉमिक मिनरल्स डायरेक्टोरेट फॉर एक्सप्लोरेशन एंड रिसर्च (AMD) ने बुधवार को एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत, राज्य में महत्वपूर्ण खनिजों (critical minerals) की खोज के लिए मिलकर काम किया जाएगा, जिसमें OMC के माइनिंग लीज वाले क्षेत्र भी शामिल हैं।

इस समझौते का उद्देश्य अनुसंधान को बढ़ावा देना, वैज्ञानिक और तकनीकी जानकारी का आदान-प्रदान करना, विशेषज्ञता साझा करना और आधुनिक खोज तकनीकों को अपनाना है, ताकि महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिजों की खोज और विकास में तेजी लाई जा सके। AMD के निदेशक धीरज पांडे और OMC के मुख्य महाप्रबंधक लक्ष्मीकांत पृस्टी ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए।

AMD, भारत सरकार के परमाणु ऊर्जा विभाग (Department of Atomic Energy) के अंतर्गत काम करता है। यह साझेदारी 'नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन' के अनुरूप है, जिसे केंद्र सरकार ने जनवरी 2025 में शुरू किया था। इसका मकसद महत्वपूर्ण खनिजों की एक टिकाऊ आपूर्ति सुनिश्चित करना है, जो स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन, तकनीकी प्रगति और रणनीतिक क्षेत्रों के लिए बहुत जरूरी हैं।

इस मिशन का लक्ष्य आयात पर निर्भरता कम करना, घरेलू खनिज मूल्य श्रृंखलाओं (value chains) को मजबूत करना और वैश्विक स्तर पर भारत की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाना है। OMC के सूत्रों ने बताया कि OMC और AMD का यह सहयोग वैज्ञानिक अध्ययन, क्षमता निर्माण, ज्ञान साझा करने और संयुक्त अनुसंधान पहलों पर केंद्रित होगा, ताकि पूरे ओडिशा में खनिज संसाधनों की पहचान की जा सके और उनका विकास हो सके।

 

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