भुवनेश्वर: MMDR संशोधन कानून को लेकर विपक्षी पार्टी BJD के लगातार हमलों से घिरी BJP को, CAG की हालिया रिपोर्ट में BJD के खिलाफ पलटवार करने का एक हथियार मिल गया है।
बुधवार को पार्टी ने डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन (DMF) फंड के बड़े पैमाने पर गलत इस्तेमाल की ऑडिट रिपोर्ट का हवाला देते हुए पिछली BJD सरकार पर माइनिंग से प्रभावित इलाकों में गंभीर गड़बड़ियों का आरोप लगाया। साथ ही, नवीन पटनायक की पार्टी को इस रिपोर्ट और MMDR कानून में हालिया संशोधनों पर खुली बहस की चुनौती दी।
बुधवार को यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में BJP प्रवक्ता अनिल बिस्वाल ने आरोप लगाया कि CAG के हालिया परफॉर्मेंस ऑडिट से पिछली सरकार के दौरान DMF फंड के बड़े पैमाने पर डायवर्जन और गलत इस्तेमाल का खुलासा हुआ है। बिस्वाल ने दावा किया कि ऑडिट में क्योंझर और सुंदरगढ़ में लगभग 983 करोड़ रुपये, 119 करोड़ रुपये के ब्याज (जो कथित तौर पर DMF फंड में जमा नहीं किया गया) और जाजपुर में 507 करोड़ रुपये के खर्च (जिसे CAG ने DMF के मकसद से अलग बताया) से जुड़ी गड़बड़ियों का पता चला है।
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि सुंदरगढ़ में कलेक्टर के घर पर रीडिंग रूम और म्युनिसिपल ऑफिस के विस्तार जैसे कामों पर 25 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जबकि जाजपुर और क्योंझर में पार्कों पर 51 करोड़ रुपये खर्च हुए। उन्होंने कोविड से जुड़े अस्पताल के पेमेंट, मोबाइल हेल्थकेयर सर्विस, मधुमक्खी पालन और अस्पताल के सामान की खरीद में भी कथित गड़बड़ियों का ज़िक्र किया।