Bhubaneswar.भुवनेश्वर: राज्य के इन दो इन्टीरियर शहरों में गर्मी बढ़ने लगी है, जबकि तटीय क्षेत्रों में उमस और उच्च तापमान ने लोगों की परेशानियों को बढ़ा दिया है। मौसम विभाग ने बताया कि झारसुगुड़ा और संबलपुर में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुँच सकता है, जिससे स्थानीय लोग और विशेषकर बुजुर्ग और बच्चे सावधान रहें।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, तटीय जिलों में ह्यूमिडिटी का स्तर 70-80 प्रतिशत तक पहुँच गया है। इस वजह से लोग धूप में ज्यादा देर रह पाने में असहज महसूस कर रहे हैं और गर्मी की वजह से पानी की खपत बढ़ गई है।
सड़क किनारे दुकानदारों और दैनिक कामकाजी लोगों का कहना है कि सुबह-सुबह भी धूप और उमस की वजह से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि वे दिन के समय अत्यधिक धूप में बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त पानी पिएं और हल्के कपड़े पहनें।
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि अगले कुछ दिनों में गर्मी और उमस में थोड़ी और बढ़ोतरी की संभावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर लोग पर्याप्त पानी नहीं पीते और हाइड्रेशन का ध्यान नहीं रखते, तो हीट स्ट्रोक और अन्य गर्मी संबंधित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
संबलपुर और झारसुगुड़ा में प्रशासन ने पब्लिक वॉटर स्टॉल्स और छाया क्षेत्रों को बढ़ाने के उपाय शुरू कर दिए हैं। स्कूलों और कार्यालयों में भी गर्मी से निपटने के लिए सावधानीपूर्ण प्रबंध किए गए हैं।
तटीय क्षेत्रों में मछुआरों और समुद्र से जुड़ी गतिविधियों में भी असर देखने को मिला है। गर्म और उमस भरी हवा के कारण समुद्र में तेज़ लहरें और अस्थिर मौसम बना हुआ है। प्रशासन ने स्थानीय मछुआरों को अत्यधिक सावधानी बरतने और आवश्यक होने पर समुद्र में न जाने की सलाह दी है।
मौसम विशेषज्ञों ने कहा कि राज्य के अंदरूनी क्षेत्रों में तापमान बढ़ने के बावजूद अगले सप्ताह बारिश की कोई संभावना नहीं है, इसलिए लोगों को गर्मी से बचाव के लिए अपने घरों और कार्यस्थलों में कूलिंग उपाय अपनाने की आवश्यकता है।