भुवनेश्वर: मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने गुरुवार को 1998 बैच के IPS अधिकारी दयाल गंगवार को सस्पेंड कर दिया। उन पर रेलवे कॉन्स्टेबल सौम्य रंजन स्वैन से गैर-आधिकारिक काम करवाने का आरोप था, जिससे वे विवादों में घिर गए थे।
7 मई को बालियांटा इलाके में भीड़ द्वारा सौम्य की पीट-पीटकर हत्या (लिंचिंग) के बाद गंगवार विवादों में आ गए थे। सौम्य के माता-पिता का आरोप था कि सीनियर IPS अधिकारी ने उन्हें आधिकारिक काम से अलग निजी काम करने के लिए मजबूर किया था। इस विवाद के बीच, ADG (कम्युनिकेशंस) के पद पर तैनात गंगवार का पिछले महीने तबादला कर दिया गया था और उन्हें गृह विभाग में 'ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी' (OSD) के तौर पर तैनात किया गया था।
सूत्रों के मुताबिक, DGP ने एक गोपनीय रिपोर्ट सौंपी थी। इसमें बताया गया था कि ADGP (रेलवे और कोस्टल सिक्योरिटी) के पद से तबादले के बाद भी गंगवार ने सक्षम अधिकारी की मंज़ूरी के बिना आठ GRP कर्मियों को अपने घर पर काम के लिए रखा हुआ था।
इससे पहले, NHRC की एक टीम ने लिंचिंग की घटना के बारे में और जानकारी जुटाने के लिए सौम्य के माता-पिता, चश्मदीदों और स्थानीय पुलिस से बातचीत की थी। उन्होंने रेलवे पुलिस से भी पूछताछ की थी ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या सीनियर अधिकारी ने सच में सौम्य को अपने निजी कामों में लगाकर परेशान किया था।