राउरकेला : राउरकेला के सिविल टाउनशिप में फर्जी तरीके से एक से अधिक घर व प्लॉट हथियाने के मामले की जांच का निर्देश एडीएम दिव्य ज्योति परीडा ने दिया है। प्रमाण मिलने पर उनके आवंटन रद करने की जानकारी उन्होंने दी है। शहर में घर व जमीन की कमी होने की स्थिति का लाभ लेकर उद्योगपति व व्यवसायी गलत तरीके से एक से अधिक घर व प्लॉट अपने नाम कर लिए हैं। इस पर अंकुश लगाने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है।
सन् 1960 में राउरकेला शहर का विकास शुरू हुआ। राउरकेला इस्पात संयंत्र की स्थापना के साथ ही बाहर से लोग आने लगे। इस्पात संयंत्र की ओर से स्टील टाउन में क्वार्टर तथा शहरांचल में आरडीए, राउरकेला हाउसिग बोर्ड से प्लाट का आवंटन किया गया था। लैंड एलॉटमेंट कमेटी के द्वारा सिविल टाउनशिप की जमीन आवास एवं व्यवसायिक संस्थानों के लिए आवंटित की गई थी। एक परिवार को एक ही प्लॉट देना था पर यहां नियम का उल्लंघन किया गया है। जिन लोगों को जमीन आवंटित की गई है उन्हें लैंड एलॉटमेंट कमेटी या राउरकेला विकास प्राधिकरण से जमीन नहीं लेने से संबंधित घोषणापत्र देना था पर यह केवल कागज तक सीमित रह गया। संस्थाओं का फर्जी प्रमाणपत्र लेकर एक से अधिक घर व प्लॉट लिए गए। सिविल टाउनशिप, छेंड कालोनी, बसंती कालोनी, कोयलनगर, शक्तिनगर, जगदा, झीरपानी, पानपोष, डेली मार्केट, बालूघाट, देवगांव अंचल में लोगों के एक से अधिक प्लॉट हैं। सिविल टाउनशिप में भी एक ही परिवार के नाम पर तीन चार प्लॉट आवंटित किए गए हैं। वे लैंड एलॉटमेंट कमेटी के कर्मचारियों से गलत तरीके से प्रमाणपत्र हासिल किया गया है। घोषणापत्र में राउरकेला में घर नहीं होना दर्शाया गया है। विभाग से नो ऑब्जेशन प्रमाणपत्र भी लेने में सफल हुए हैं। उनके द्वारा परिवार के अलग-अलग सदस्यों के नाम पर जमीन लिया गया है। कुछ लोग तो सामने की जमीन भी अपने नाम पर कर आलीशान मकान बनवाकर रह रहे हैं जबकि अलग-अलग प्लॉट के लिए अलग अनुमोदन कराया गया है। जमीन लेने के बाद उसका उपयोग नहीं करने पर आवंटन रद करने का नियम है पर सिविल टाउनशिप समेत अन्य क्षेत्रों में भी प्लॉट वर्षों से खाली पड़े हैं एवं मौका मिलते ही उनकी बिक्री ऊंचे दाम पर की जा रही है। जनसंख्या बढ़ने के साथ लोगों को रहने के लिए जमीन व मकान नहीं मिल रहा है जिस कारण लोग भाड़े पर रह रहे हैं या अतिक्रमित जमीन पर घर बनाकर रह रहे हैं। शहर में 10 साल से अधिक समय से जमीन आवंटन बंद होने से भी यह समस्या उत्पन्न हो रही है। इसकी शिकायत मिलने तथा जमीन संबंधित समस्या को गंभीरता से लेते हुए राउरकेला के अतिरिक्त जिलापाल ने 24 दिसंबर को राउरकेला के तहसीलदार को पत्र लिखकर इसकी जांच करने एवं रिपोर्ट देने को कहा गया है।
Tags: