ओडिशा में भारी बारिश, 5 जिलों के लिए रेड वॉर्निंग जारी

Update: 2026-07-04 04:08 GMT

Odisha ओडिशा: मौसम का मिजाज एक बार फिर बिगड़ गया है। बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में बना लो-प्रेशर एरिया शुक्रवार को और अधिक मजबूत हो गया, जिसके चलते पूरे राज्य में तेज और लगातार बारिश दर्ज की गई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ओडिशा के पांच जिलों के लिए रेड वॉर्निंग जारी की है, जहां अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

IMD के अनुसार, यह लो-प्रेशर एरिया बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम और आसपास के क्षेत्रों में स्पष्ट रूप से सक्रिय है। इसके साथ ही एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी विकसित हो गया है, जो समुद्र तल से लगभग 9.4 किलोमीटर ऊंचाई तक फैला हुआ है। यह स्थिति वातावरण में अत्यधिक नमी और अस्थिरता पैदा कर रही है, जो राज्य में भारी बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बना रही है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस सिस्टम के मजबूत होने से तटीय और आंतरिक दोनों क्षेत्रों में लगातार बारिश हो रही है। कई जिलों में सुबह से ही बादल छाए रहे और दिन भर रुक-रुक कर तेज बारिश का दौर जारी रहा। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बन गई है, जिससे स्थानीय लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

रेड वॉर्निंग जारी किए गए जिलों में प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है और आपदा प्रबंधन टीमें पूरी तरह सक्रिय कर दी गई हैं। जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि वे किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहें और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था करें, यदि आवश्यकता पड़े।

IMD ने चेतावनी दी है कि अगले 24 से 48 घंटे ओडिशा के लिए बेहद अहम रहेंगे। इस दौरान कुछ स्थानों पर बहुत ज्यादा भारी बारिश हो सकती है, जिससे नदियों का जलस्तर बढ़ने और निचले क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने की आशंका है।

मौसम विभाग के अनुसार, यह सिस्टम धीरे-धीरे पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा की ओर बढ़ सकता है, जिससे राज्य के अंदरूनी हिस्सों में भी इसका प्रभाव देखने को मिलेगा। तटीय जिलों में समुद्र की स्थिति भी खराब रहने की संभावना है, जहां तेज हवाएं और ऊंची लहरें खतरनाक स्थिति पैदा कर सकती हैं।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और मौसम विभाग द्वारा जारी की जा रही चेतावनियों का पालन करें। विशेष रूप से नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है।

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की भारी बारिश से धान और अन्य खरीफ फसलों पर भी असर पड़ सकता है। हालांकि, कुछ इलाकों में यह बारिश लाभकारी भी साबित हो सकती है, लेकिन अत्यधिक वर्षा से फसल को नुकसान का खतरा भी बना रहता है।

आपदा प्रबंधन विभाग ने कंट्रोल रूम को 24 घंटे सक्रिय कर दिया है और राहत एवं बचाव दलों को तैयार रखा गया है। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाने के लिए टीमों को अलग-अलग जिलों में तैनात किया गया है।

स्थानीय प्रशासन ने बिजली आपूर्ति और यातायात व्यवस्था पर भी नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं ताकि भारी बारिश के दौरान किसी प्रकार की बड़ी समस्या न उत्पन्न हो। कई इलाकों में एहतियात के तौर पर स्कूलों और अन्य संस्थानों में भी छुट्टी की संभावना पर विचार किया जा रहा है।

कुल मिलाकर, बंगाल की खाड़ी में बना यह लो-प्रेशर सिस्टम अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है, जिससे ओडिशा में मौसम गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है। पांच जिलों के लिए रेड वॉर्निंग के बीच प्रशासन और मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और लोगों से सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।

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