भुवनेश्वर: बंगाल की खाड़ी में बने डिप्रेशन के कारण ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी के बीच कई जिलों में एहतियात के तौर पर स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रखने का फैसला लिया गया है। खोरधा और गंजम जिला प्रशासन ने 22 से 24 सितंबर तक स्कूलों को बंद रखने के आदेश जारी किए हैं। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।

खोरधा जिले में सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों के साथ सभी आंगनवाड़ी केंद्र भी तीन दिनों तक बंद रहेंगे। हालांकि शिक्षकों और स्कूल के अन्य कर्मचारियों को स्कूल में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। पहले से निर्धारित NRTS परीक्षा भी अपने तय कार्यक्रम के अनुसार आयोजित होगी।

22 से 24 सितंबर तक स्कूल बंद

खोरधा जिला प्रशासन के अनुसार जिले के सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी स्कूल 22, 23 और 24 सितंबर को बंद रहेंगे।

इसके साथ ही आंगनवाड़ी केंद्रों को भी बंद रखने का निर्णय लिया गया है। मौसम की मौजूदा स्थिति और आने वाले दिनों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए बच्चों को घर पर सुरक्षित रखने के उद्देश्य से यह आदेश जारी किया गया है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश विद्यार्थियों के लिए है। शिक्षक और स्कूल के अन्य कर्मचारी अपने संस्थानों में उपस्थित रहेंगे।

NRTS परीक्षा अपने तय समय पर

स्कूल बंद रखने के आदेश के बावजूद पहले से निर्धारित NRTS परीक्षा को स्थगित नहीं किया गया है। प्रशासन के अनुसार परीक्षा तय कार्यक्रम के मुताबिक आयोजित की जाएगी।

ऐसे में परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों और अभिभावकों को संबंधित स्कूल या शिक्षा विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों पर नजर रखने की जरूरत होगी।

मौसम की परिस्थितियों में किसी तरह का बड़ा बदलाव होने पर स्थानीय प्रशासन की ओर से आगे के निर्देश जारी किए जा सकते हैं।

गंजम में भी स्कूलों की छुट्टी

खोरधा के अलावा गंजम जिला प्रशासन ने भी भारी बारिश की चेतावनी के मद्देनजर स्कूल बंद रखने का फैसला किया है।

गंजम जिले में भी 22 से 24 सितंबर तक सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी स्कूल बंद रखने की घोषणा की गई है।

जिले के तटीय क्षेत्र होने के कारण प्रशासन मौसम की स्थिति पर विशेष नजर रख रहा है। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय सिस्टम के तट की ओर बढ़ने से गंजम और आसपास के क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की आशंका है।

बंगाल की खाड़ी में सक्रिय है डिप्रेशन

स्कूल बंद रखने का फैसला बंगाल की खाड़ी में बने डिप्रेशन और उससे जुड़ी भारी बारिश की चेतावनी के बाद लिया गया है।

मौसम विभाग के अनुसार पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना सिस्टम लगातार आगे बढ़ रहा है। इसके और मजबूत होने से ओडिशा के कई इलाकों में तेज बारिश की स्थिति बन सकती है।

तटीय जिलों में तेज हवा के साथ भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका के कारण स्थानीय प्रशासन पहले से तैयारियां कर रहा है।

बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता

स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद करने के पीछे प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। भारी बारिश के दौरान सड़कों पर जलभराव, पेड़ गिरने और निचले इलाकों में पानी भरने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से स्कूल पहुंचने वाले बच्चों के लिए जोखिम बढ़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने मौसम खराब होने से पहले ही स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया।

अभिभावकों से भी बच्चों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं भेजने और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करने की अपेक्षा की जा रही है।

तटीय जिलों में विशेष सतर्कता

ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में मौसम की स्थिति को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय सिस्टम के कारण समुद्र में भी हालात खराब हो सकते हैं।

गंजम तट पर खराब समुद्री परिस्थितियों के कारण आंध्र प्रदेश के काकीनाडा की कई मछली पकड़ने वाली नावों को आर्यपल्ली फिशिंग जेटी पर शरण लेनी पड़ी है।

इससे तटीय क्षेत्र में मौसम की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। प्रशासन मछुआरों की सुरक्षा और समुद्र में मौजूद अन्य नावों की स्थिति पर भी नजर बनाए हुए है।

भारी बारिश से जलभराव का खतरा

लगातार और तेज बारिश होने पर शहरी इलाकों में जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है। खोरधा जिले में भुवनेश्वर सहित कई शहरी इलाके आते हैं, जहां कम समय में अधिक बारिश होने पर निचले क्षेत्रों में पानी भरने की आशंका रहती है।

प्रशासन के लिए जल निकासी व्यवस्था को सक्रिय रखना और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाना महत्वपूर्ण होगा।

ग्रामीण क्षेत्रों में भी कच्ची सड़कों, छोटे पुल-पुलियों और नदी-नालों के आसपास अतिरिक्त सावधानी की जरूरत पड़ सकती है।

मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह

मौसम की स्थिति तेजी से बदल सकती है, इसलिए लोगों को आधिकारिक मौसम बुलेटिन और जिला प्रशासन की सूचनाओं पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

विशेष रूप से तटीय क्षेत्रों के लोगों और मछुआरों को समुद्री परिस्थितियों से जुड़ी चेतावनियों का पालन करना चाहिए।

भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना और जलभराव वाले रास्तों से दूरी बनाए रखना सुरक्षित माना जाता है।

हालात के अनुसार आगे होगा फैसला

फिलहाल खोरधा और गंजम जिलों में 24 सितंबर तक स्कूल बंद रखने का फैसला किया गया है। इसके बाद स्कूल खोलने को लेकर निर्णय मौसम की स्थिति के आधार पर लिया जा सकता है।

यदि बारिश का प्रभाव लंबे समय तक रहता है या मौसम विभाग की ओर से नई चेतावनी जारी की जाती है तो जिला प्रशासन आगे भी आदेश जारी कर सकता है।

अभी प्रशासन का मुख्य उद्देश्य बच्चों को खराब मौसम के दौरान जोखिम से बचाना है। खोरधा में स्कूलों के साथ आंगनवाड़ी केंद्र भी बंद रहेंगे, जबकि शिक्षक और अन्य कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर उपस्थित रहेंगे। NRTS परीक्षा तय कार्यक्रम के अनुसार आयोजित की जाएगी।

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