ओडिशा के VSSUT में रैगिंग के आरोप में चार छात्रों पर जुर्माना लगाया गया

Update: 2026-04-23 04:30 GMT

Odisha ओडिशा: ओडिशा के संबलपुर जिले में स्थित बुर्ला की वीर सुरेंद्र साई यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (VSSUT) में रैगिंग के एक नए मामले ने कैंपस माहौल को फिर से चर्चा में ला दिया है। इस घटना के सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए चार छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की है।

Veer Surendra Sai University of Technology में सामने आए इस मामले में मैकेनिकल इंजीनियरिंग के एक छात्र के साथ कथित तौर पर रैगिंग की गई थी। आरोप है कि इस घटना में तीन दूसरे वर्ष के छात्र और एक तीसरे वर्ष का छात्र शामिल थे। शिकायत मिलने के बाद विश्वविद्यालय की एंटी-रैगिंग सेल ने तुरंत मामले की जांच शुरू की।

जांच के लिए गठित फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी ने सभी आरोपों की विस्तृत पड़ताल की और चारों छात्रों को दोषी पाया। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए आर्थिक दंड (जुर्माना) लगाया है। इसके साथ ही मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

यह घटना करीब 15 दिन पुरानी बताई जा रही है, जब कैंपस के मुख्य गेट के पास सीनियर छात्रों का एक समूह कथित रूप से एक जूनियर छात्र से पूछताछ कर रहा था। इसी दौरान वहां मौजूद एक अन्य छात्र ने पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।

वीडियो रिकॉर्डिंग को लेकर छात्रों के बीच बहस और विवाद भी बढ़ गया। आरोप है कि इसी दौरान एक छात्र का मोबाइल फोन जमीन पर गिरकर क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे स्थिति और ज्यादा बिगड़ गई और कैंपस में तनाव का माहौल बन गया।

घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एंटी-रैगिंग नियमों के तहत जांच शुरू की। रिपोर्ट में दोषी पाए जाने के बाद चारों छात्रों पर कार्रवाई की गई है, ताकि कैंपस में अनुशासन और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा सके।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि रैगिंग जैसी गतिविधियों के लिए जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है और किसी भी तरह की अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही छात्रों को चेतावनी दी गई है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर और सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कैंपस में इस घटना के बाद छात्रों के बीच जागरूकता बढ़ाने और एंटी-रैगिंग नियमों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। प्रशासन भी लगातार निगरानी बढ़ा रहा है ताकि सभी छात्रों के लिए सुरक्षित और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।

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