भुवनेश्वर। ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में दुर्गा पूजा और अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस और अग्निशमन विभाग ने विशेष तैयारियां तेज कर दी हैं। भुवनेश्वर अर्बन पुलिस डिस्ट्रिक्ट (UPD) ने ओडिशा फायर सर्विसेज, होम गार्ड्स और सिविल डिफेंस निदेशालय के सहयोग से सोमवार को विशेष मॉक ड्रिल का आयोजन किया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य भीड़भाड़ वाले पूजा पंडालों और अन्य उत्सव स्थलों पर किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों को मजबूत करना था। मॉक ड्रिल में उन्नत प्राथमिक चिकित्सा, बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS), सीपीआर, ऑक्सीजन सहायता, भीड़ प्रबंधन और लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रियाओं पर विशेष ध्यान दिया गया।
इस अभ्यास के माध्यम से पुलिस और स्पेशल रेस्क्यू यूनिट (SRU) के कर्मचारियों के बीच तालमेल को परखा गया। अधिकारियों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अचानक किसी व्यक्ति की तबीयत बिगड़ने, भगदड़ जैसी स्थिति बनने या किसी अन्य आपात घटना के दौरान राहत और बचाव कार्य बिना देरी शुरू किया जा सके।
दुर्गा पूजा में श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर विशेष जोर
भुवनेश्वर में दुर्गा पूजा के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु विभिन्न पूजा पंडालों में दर्शन करने पहुंच रहे हैं। प्रमुख पंडालों में लगातार बढ़ रही भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में जुटे हैं।
धार्मिक आयोजनों के दौरान एक ही स्थान पर बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने से भीड़ प्रबंधन की चुनौती बढ़ जाती है।
ऐसी परिस्थितियों में अचानक किसी व्यक्ति के बेहोश होने, सांस लेने में परेशानी होने, आग लगने या भीड़ के अनियंत्रित होने पर तत्काल सहायता पहुंचाना बेहद जरूरी होता है।
इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस और आपातकालीन सेवाओं के कर्मचारियों की तैयारियों को परखने के लिए मॉक ड्रिल आयोजित की गई।
स्पेशल रेस्क्यू यूनिट ने दिखाया बचाव कौशल
अभ्यास में फायर सर्विस और होम गार्ड्स विभाग की स्पेशल रेस्क्यू यूनिट्स की भूमिका महत्वपूर्ण रही।
इन विशेष टीमों के कर्मचारियों को आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों की जान बचाने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है।
प्रशिक्षण में गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को प्राथमिक उपचार देने, सांस और हृदय संबंधी आपात स्थिति में सहायता करने तथा प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की प्रक्रियाएं शामिल होती हैं।
मॉक ड्रिल के दौरान इन तैयारियों और पुलिस के साथ समन्वय पर विशेष ध्यान दिया गया।
सीपीआर और ऑक्सीजन सहायता पर प्रशिक्षण
विशेष बचाव टीमों को कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन यानी सीपीआर और बेसिक लाइफ सपोर्ट का प्रशिक्षण दिया जाता है।
सीपीआर एक आपातकालीन जीवनरक्षक प्रक्रिया है, जिसका उपयोग किसी व्यक्ति में हृदय गति रुकने जैसी स्थिति में किया जाता है।
इसी प्रकार प्रशिक्षित कर्मियों को जरूरत पड़ने पर ऑक्सीजन सहायता उपलब्ध कराने और गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों की शुरुआती देखभाल करने का प्रशिक्षण मिलता है।
ओडिशा अग्निशमन सेवाओं के आईजी उमाशंकर दाश के अनुसार, विशेष बचाव दलों को सीपीआर, ऑक्सीजन सहायता, ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर और गंभीर चोटों से निपटने का प्रशिक्षण दिया गया है।
भीड़ को सुरक्षित बाहर निकालने का अभ्यास
मॉक ड्रिल का एक प्रमुख उद्देश्य पूजा पंडालों से श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया की समीक्षा करना था।
भीड़भाड़ वाले आयोजन स्थलों पर किसी आपात स्थिति में सभी लोगों का एक साथ बाहर निकलने का प्रयास खतरनाक हो सकता है।
ऐसी स्थिति में निकासी मार्गों की सही पहचान, लोगों को स्पष्ट निर्देश देना और बचाव कर्मचारियों के बीच समन्वय बेहद महत्वपूर्ण होता है।
अभ्यास के दौरान पुलिस और विशेष बचाव दलों की इसी प्रकार की संयुक्त प्रतिक्रिया को परखा गया।
आठ विशेष रेस्क्यू टीमें तैनात
ओडिशा फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज ने भुवनेश्वर के प्रमुख पूजा पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए आठ विशेष बचाव टीमें तैनात की हैं।
प्रत्येक टीम में चार से पांच प्रशिक्षित कर्मचारी शामिल हैं। ये कर्मचारी चिकित्सा आपात स्थिति, भीड़ से लोगों को निकालने और अन्य बचाव कार्यों के लिए तैयार रहते हैं।
फायर सर्विस विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी घटना की सूचना मिलने पर प्रशिक्षित कर्मचारी तत्काल सहायता उपलब्ध करा सकें।
कोलकाता की घटना के बाद बढ़ाई सतर्कता
हाल ही में कोलकाता के एक दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ की घटना के बाद ओडिशा पुलिस ने सुरक्षा इंतजामों की व्यापक समीक्षा की है।
ओडिशा के प्रभारी पुलिस महानिदेशक विनयतोष मिश्रा ने पुलिस अधिकारियों को पूजा पंडालों में भीड़ प्रबंधन, प्रवेश और निकासी मार्गों तथा आपात सेवाओं की उपलब्धता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आयोजन स्थलों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित रखा जाए और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
पूजा समितियों को भी दिए गए निर्देश
ओडिशा पुलिस ने पूजा समितियों से श्रद्धालुओं के लिए कतारबद्ध दर्शन की व्यवस्था करने को कहा है।
इसके अतिरिक्त प्रवेश और निकासी मार्गों पर पर्याप्त स्वयंसेवकों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
भुवनेश्वर-कटक पुलिस आयुक्त एस. देव दत्ता सिंह ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा में पूजा समितियों की भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
आयोजकों को पंडालों में सीसीटीवी कैमरे लगाने और भीड़ को नियंत्रित रखने के लिए पर्याप्त स्वयंसेवक नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
सुरक्षा दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वाले आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
अग्नि सुरक्षा की भी हो रही जांच
दुर्गा पूजा पंडालों में बड़े स्तर पर सजावटी प्रकाश व्यवस्था और विद्युत उपकरणों का इस्तेमाल होता है।
ऐसे में शॉर्ट सर्किट और आग लगने जैसी दुर्घटनाओं की आशंका को कम करने के लिए विद्युत सुरक्षा जांच आवश्यक है।
ओडिशा फायर सर्विसेज ने पूजा आयोजकों से विद्युत उपकरणों और वायरिंग की जांच अधिकृत तकनीकी कर्मचारियों से कराने को कहा है।
अग्निशमन विभाग ने 'शक्ति सुरक्षा' अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम भी शुरू किया है।
विभाग के अनुसार, राज्य के लगभग 1500 पूजा पंडालों में अग्नि सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।
पुलिस और बचाव दलों के तालमेल पर जोर
किसी भी बड़े धार्मिक आयोजन में पुलिस, अग्निशमन विभाग, चिकित्सा कर्मियों और स्वयंसेवकों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक होता है।
मॉक ड्रिल के माध्यम से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया कि आपातकालीन सूचना मिलने पर संबंधित टीमें अपनी जिम्मेदारियां समझते हुए तुरंत कार्रवाई कर सकें।
इस तरह के अभ्यास वास्तविक आपदा से पहले संभावित कमियों की पहचान करने और बचाव प्रक्रियाओं में सुधार करने में सहायता करते हैं।
श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही प्राथमिकता
भुवनेश्वर में दुर्गा पूजा के दौरान पुलिस और फायर सर्विसेज विभाग की तैयारियों का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है।
मॉक ड्रिल, विशेष बचाव टीमों की तैनाती, सीसीटीवी निगरानी और कतारबद्ध दर्शन की व्यवस्था के माध्यम से भीड़ से जुड़ी दुर्घटनाओं का जोखिम कम करने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रशासन ने पूजा समितियों और श्रद्धालुओं से सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। किसी भी आपात स्थिति में लोगों को अफरा-तफरी से बचने और मौके पर मौजूद सुरक्षा कर्मचारियों के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।