Bhubaneswar भुवनेश्वर: एक आधिकारिक नोटिफिकेशन के अनुसार, ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने और सस्टेनेबल ट्रांसपोर्टेशन की ओर बदलाव को तेज़ करने के लिए, राज्य सरकार ने ओडिशा इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी, 2021 की वैलिडिटी की अवधि 31 दिसंबर, 2026 तक बढ़ा दी है। इस संबंध में वाणिज्य और परिवहन विभाग ने शनिवार को एक नोटिफिकेशन जारी किया। इसमें कहा गया है, "ओडिशा इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी, 2021 के पैरा 11.5 के प्रावधानों के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए, सरकार ने पॉलिसी की वैलिडिटी की अवधि 31 दिसंबर, 2026 तक बढ़ाने का फैसला किया है।" यह विस्तार कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को ध्यान में रखते हुए किया गया था।
इस पॉलिसी के तहत, ओडिशा सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के लिए रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस से 100 प्रतिशत छूट के साथ-साथ खरीद पर सब्सिडी भी देती है। राज्य सरकार ने EVs को अपनाने और राज्य में EVs और उनके पार्ट्स के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए ओडिशा इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी, 2021 शुरू की थी। पॉलिसी के हिस्से के तौर पर, राज्य सरकार EVs को अपनाने को बढ़ावा देने के लिए कई तरह के फाइनेंशियल इंसेंटिव देती है, जिनमें मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्रीज़ के लिए इंसेंटिव, खरीद पर इंसेंटिव, स्क्रैपिंग इंसेंटिव, लोन पर ब्याज में छूट, और रोड टैक्स व रजिस्ट्रेशन फीस माफ़ करना शामिल है।
पॉलिसी के तहत, टू-व्हीलर खरीदने पर ग्राहक को वाहन की कीमत का 15 प्रतिशत (अधिकतम 5,000 रुपये तक) या 5,000 रुपये प्रति kWh (अधिकतम 20,000 रुपये तक) की सब्सिडी मिलती है। टू-व्हीलर के लिए सब्सिडी वाहन की कीमत का 15 प्रतिशत (अधिकतम 10,000 रुपये तक) या 30,000 रुपये की फ्लैट सब्सिडी है।
फोर-व्हीलर के लिए, सब्सिडी की रकम वाहन की कीमत का 15 प्रतिशत (अधिकतम 50,000 रुपये तक) या 10,000 रुपये प्रति kWh (अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक) है। पैसेंजर बसों के लिए गाड़ी की कीमत का 10% सब्सिडी मिलती है, जो स्पेसिफिकेशन के आधार पर 4 लाख रुपये से 20 लाख रुपये तक हो सकती है, जबकि सामान ढोने वाली गाड़ियों के शुरुआती यूनिट्स के लिए 30,000 रुपये की सब्सिडी मिलती है।