सरकारी फंड में 8.63 लाख की हेराफेरी का खुलासा, पूर्व वरिष्ठ राजस्व सहायक गिरफ्तार
गंजाम। ओडिशा में सरकारी धन के कथित दुरुपयोग का एक बड़ा मामला सामने आया है। ओडिशा विजिलेंस ने रविवार को गंजाम जिले के छत्रपुर स्थित उप-कलेक्टर कार्यालय में पूर्व में पदस्थ एक वरिष्ठ राजस्व सहायक को सरकारी फंड से 8.63 लाख रुपये की कथित हेराफेरी के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान सदाशिब प्रधान के रूप में हुई है। वह पहले छत्रपुर उप-कलेक्टर कार्यालय के निजारत अनुभाग में कार्यरत था और वर्तमान में सुराडा तहसील कार्यालय में पदस्थ है। विजिलेंस की जांच में दिसंबर 2023 से अगस्त 2025 के बीच सरकारी धन के प्रबंधन में कथित वित्तीय अनियमितता सामने आई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सदाशिब प्रधान को छत्रपुर उप-कलेक्टर कार्यालय के निजारत अनुभाग में पदस्थ रहने के दौरान विभिन्न सरकारी फंड के प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इनमें रेड क्रॉस फंड भी शामिल था। इस जिम्मेदारी के तहत संबंधित राशि का रिकॉर्ड रखना और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार बैंक खाते में जमा करना आवश्यक था।
ओडिशा विजिलेंस के मुताबिक, जांच और दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान पता चला कि दिसंबर 2023 से अगस्त 2025 के बीच आधिकारिक रसीद बुकों के माध्यम से कुल 8 लाख 63 हजार 200 रुपये की राशि प्राप्त की गई थी। यह रकम स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की छत्रपुर शाखा में संचालित रेड क्रॉस फंड के बैंक खाते में जमा की जानी थी।
जांच एजेंसी का आरोप है कि संबंधित राशि के प्रबंधन में अनियमितता की गई। इसी मामले में सदाशिब प्रधान को गिरफ्तार किया गया है। हालांकि, रकम को किस तरीके से कथित तौर पर दूसरी जगह इस्तेमाल किया गया या उसके संबंध में कौन-कौन से वित्तीय रिकॉर्ड मिले हैं, इसकी पूरी जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
इस मामले की गंभीरता इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि आरोप सरकारी फंड के साथ-साथ रेड क्रॉस फंड से संबंधित हैं। रेड क्रॉस से जुड़े कोष का उपयोग सामान्यतः मानवीय सहायता और जरूरतमंद लोगों की मदद से संबंधित गतिविधियों के लिए किया जाता है। ऐसे में इस प्रकार की राशि के प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
छत्रपुर उप-कलेक्टर कार्यालय जिले की प्रशासनिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यहां विभिन्न सरकारी कार्यों के साथ वित्तीय और राजस्व संबंधी प्रक्रियाओं का संचालन होता है। निजारत अनुभाग में कार्यालय से संबंधित वित्तीय व्यवस्थाओं, भुगतान और अन्य प्रशासनिक कार्यों के रिकॉर्ड का प्रबंधन किया जाता है।
ऐसे अनुभाग में पदस्थ कर्मचारियों के पास सरकारी धन और वित्तीय दस्तावेजों से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां होती हैं। आधिकारिक रसीद बुकों के माध्यम से प्राप्त राशि का सही रिकॉर्ड रखना और उसे निर्धारित बैंक खाते में जमा करना वित्तीय अनुशासन की बुनियादी आवश्यकता है।
ओडिशा विजिलेंस की जांच में सामने आई कथित अनियमितता ने सरकारी कार्यालयों में धन के प्रबंधन और आंतरिक निगरानी की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेष रूप से यह जानना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित अवधि के दौरान रसीदों के माध्यम से प्राप्त राशि और बैंक में जमा रकम का नियमित मिलान किस प्रकार किया जाता था।
दिसंबर 2023 से अगस्त 2025 तक की अवधि लगभग 21 महीनों की है। इतने लंबे समय के वित्तीय रिकॉर्ड में कथित अनियमितता सामने आने से यह सवाल भी उठता है कि संबंधित दस्तावेजों और बैंक जमा विवरणों की जांच किस स्तर पर की गई थी।
हालांकि, इस मामले में किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका होने की पुष्टि नहीं हुई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, फिलहाल गिरफ्तारी सदाशिब प्रधान की हुई है। जांच में अन्य व्यक्तियों की भूमिका सामने आती है या नहीं, यह आगे की कार्रवाई से स्पष्ट होगा।
विजिलेंस जैसी भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसियों के लिए वित्तीय अनियमितता के मामलों में दस्तावेजी साक्ष्य महत्वपूर्ण होते हैं। आधिकारिक रसीद बुक, बैंक जमा विवरण, कार्यालय के लेखा रिकॉर्ड और संबंधित कर्मचारियों के बयान से यह पता लगाया जा सकता है कि प्राप्त धन का प्रबंधन निर्धारित नियमों के अनुसार हुआ था या नहीं।
इस मामले में भी जांच एजेंसी ने रिकॉर्ड के सत्यापन के आधार पर कथित गड़बड़ी का पता लगाने की बात कही है। हालांकि, जांच के दौरान किन दस्तावेजों को जब्त किया गया और आरोपी से पूछताछ में क्या जानकारी सामने आई, इसका विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है।
सरकारी धन से संबंधित मामलों में नियमित ऑडिट और वित्तीय निगरानी का विशेष महत्व होता है। किसी कार्यालय में प्राप्त राशि का रिकॉर्ड यदि समय पर बैंक खातों से मिलाया जाए, तो संभावित अनियमितताओं की पहचान अपेक्षाकृत जल्दी की जा सकती है।
इसके अतिरिक्त अलग-अलग स्तरों पर वित्तीय अनुमोदन और दस्तावेजों की जांच की व्यवस्था भी सरकारी कोष की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। वित्तीय प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बनाए रखना केवल नियमों का पालन करने का विषय नहीं, बल्कि सार्वजनिक संसाधनों के प्रति जवाबदेही का भी प्रश्न है।
सदाशिब प्रधान की वर्तमान पदस्थापना सुराडा तहसील कार्यालय में बताई गई है। इससे स्पष्ट है कि कथित अनियमितता उस अवधि से जुड़ी है, जब वह छत्रपुर उप-कलेक्टर कार्यालय के निजारत अनुभाग में तैनात था। हालांकि, उसकी पदस्थापना में बदलाव कब हुआ और क्या यह जांच से संबंधित था, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।
इस गिरफ्तारी के बाद संबंधित सरकारी विभाग की ओर से किसी प्रकार की विभागीय कार्रवाई या निलंबन आदेश जारी किए जाने की भी पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है। ऐसे मामलों में आपराधिक जांच और विभागीय अनुशासनात्मक प्रक्रिया अलग-अलग स्तरों पर संचालित हो सकती हैं।
ओडिशा में भ्रष्टाचार और सरकारी धन के दुरुपयोग के मामलों की जांच के लिए विजिलेंस विभाग महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विभाग सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों की जांच करता है। आवश्यक साक्ष्य मिलने पर संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाती है।
हालांकि, किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी को उसके दोषी साबित होने के समान नहीं माना जा सकता। सदाशिब प्रधान के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम कानूनी स्थिति जांच, अभियोजन और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर तय होगी।
इस मामले में यह भी महत्वपूर्ण होगा कि कथित रूप से हेराफेरी की गई राशि की वसूली के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। सरकारी धन से जुड़े मामलों में वित्तीय नुकसान की भरपाई और संबंधित रिकॉर्ड की जांच प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण विषय होते हैं।
रेड क्रॉस जैसे मानवीय सहायता से जुड़े कोष की राशि के प्रबंधन में कथित अनियमितता सार्वजनिक विश्वास को प्रभावित कर सकती है। ऐसे फंड से जुड़ी वित्तीय प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना आवश्यक है, ताकि निर्धारित उद्देश्यों के लिए उपलब्ध संसाधनों का सही उपयोग हो सके।
फिलहाल ओडिशा विजिलेंस ने 8,63,200 रुपये की कथित हेराफेरी के मामले में पूर्व वरिष्ठ राजस्व सहायक सदाशिब प्रधान को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी के अनुसार, यह मामला दिसंबर 2023 से अगस्त 2025 के बीच छत्रपुर उप-कलेक्टर कार्यालय के निजारत अनुभाग में सरकारी धन के प्रबंधन से संबंधित है। आगे की जांच में वित्तीय अनियमितता के तरीके और संबंधित जिम्मेदारियों के बारे में अधिक जानकारी सामने आने की उम्मीद है।