भुवनेश्वर: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को ओडिशा और पश्चिम बंगाल में 10 जगहों पर छापेमारी की। यह छापेमारी कथित पुलिस सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती घोटाले के सिलसिले में की गई।

सूत्रों के मुताबिक, ED ने घोटाले के कथित मास्टरमाइंड शंकर प्रुस्टी और उनके करीबी सहयोगियों, जैसे सुरेश नायक और अन्य से जुड़ी संपत्तियों की तलाशी ली। एक अधिकारी ने कहा, "ED घोटाले के मनी लॉन्ड्रिंग पहलू की जांच कर रही है। ज़ब्ती समेत और जानकारी आने वाले दिनों में दी जाएगी।" सूत्रों ने बताया कि एजेंसी ने ओडिशा में आठ और पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल में दो जगहों पर तलाशी ली।

ओडिशा पुलिस भर्ती बोर्ड (OPRB) द्वारा आयोजित की जाने वाली यह परीक्षा 5 और 6 अक्टूबर, 2025 को होनी थी। इसका काम कोलकाता स्थित केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSU) ITI लिमिटेड को सौंपा गया था।

हालांकि, ITI लिमिटेड ने यह काम भुवनेश्वर स्थित सिलिकॉन टेकलैब को सब-कॉन्ट्रैक्ट कर दिया, जिसने आगे चलकर मुख्य काम पंचसॉफ्ट टेक्नोलॉजीज को सौंप दिया। पंचसॉफ्ट के प्रमुख प्रुस्टी थे, जबकि सिलिकॉन टेकलैब को नायक ने प्रमोट किया था।

सूत्रों का कहना है कि परीक्षा आयोजित करने में शामिल संस्थाओं से जुड़े लोगों ने कथित तौर पर प्रश्न पत्र लीक किया था। उम्मीदवारों से कथित तौर पर 15 लाख रुपये से 30 लाख रुपये प्रति व्यक्ति के भुगतान पर प्रश्न पत्र उपलब्ध कराने का वादा किया गया था।

 

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