Jharsuguda,झारसुगुडा: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आगामी दौरे को देखते हुए झारसुगुड़ा जिले को अस्थायी ‘ड्रोन निषेध क्षेत्र’ घोषित कर दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस दौरान किसी भी प्रकार के ड्रोन या अन्य हवाई उपकरणों को उड़ाने की अनुमति नहीं होगी। यह कदम राष्ट्रपति की सुरक्षा सुनिश्चित करने और संभावित खतरों से बचाव के लिए उठाया गया है।
जिलाधिकारी ने बताया कि राष्ट्रपति के दौरे के समय सभी सरकारी और निजी क्षेत्रों में ड्रोन उड़ानों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। उन्होंने कहा कि यह सुरक्षा दिशा-निर्देशों का हिस्सा है और इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे ड्रोन संचालन या अन्य हवाई उपकरणों के उपयोग से बचें। उन्होंने कहा कि इस तरह के उपकरण सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं और राष्ट्रपति के दौरे के दौरान किसी भी अप्रत्याशित घटना को बढ़ा सकते हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि झारसुगुड़ा के मुख्य इलाकों और समारोह स्थल के आसपास विशेष निगरानी रखी जाएगी। सिविल पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम निगरानी करेगी कि कोई भी ड्रोन क्षेत्र में प्रवेश न करे। इसके अलावा, स्थानीय हवाई पट्टियों और पब्लिक क्षेत्रों में भी सुरक्षा उपाय बढ़ा दिए गए हैं।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, इस निषेध क्षेत्र का दायरा राष्ट्रपति की आगमन और कार्यक्रम स्थल के आस-पास निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि जनता और मीडिया को सूचना दी गई है ताकि अचानक किसी दुर्घटना या सुरक्षा समस्या का सामना न करना पड़े।
राष्ट्रपति मुर्मू के दौरे के दौरान झारसुगुड़ा जिले में सभी सरकारी कार्यालय और सार्वजनिक स्थल सजग रहेंगे। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि सुरक्षा का कठोर पालन और सतर्कता बरती जाए। अधिकारियों ने कहा कि यह कदम केवल अस्थायी सुरक्षा उपाय है और राष्ट्रपति के दौरे के बाद ड्रोन उड़ान पर सामान्य अनुमति वापस आ जाएगी।
विशेषज्ञों ने बताया कि ड्रोन निषेध क्षेत्रों की घोषणा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुरूप होती है। इसका उद्देश्य उच्च पदस्थ अधिकारियों और सार्वजनिक कार्यक्रमों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
इस प्रकार, राष्ट्रपति के दौरे से पहले झारसुगुड़ा में ड्रोन निषेध क्षेत्र की घोषणा ने सुरक्षा के सख्त मानक लागू करने की दिशा में प्रशासन की तत्परता को दर्शाया है। जनता और मीडिया से अनुरोध किया गया है कि वे सुरक्षा उपायों का पालन करें और निर्देशों का सम्मान करें।