'डिजिटल हुंडी' से दुनिया भर के श्रद्धालु कर सकेंगे योगदान, ओडिशा मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन का बयान
Puri पुरी: ओडिशा सरकार के मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने श्री जगन्नाथ मंदिर में शुरू की गई 'डिजिटल हुंडी' व्यवस्था को श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि इस नई प्रणाली के माध्यम से देश-विदेश में रहने वाले श्रद्धालु भी मंदिर के विकास और नियमित धार्मिक गतिविधियों में आर्थिक सहयोग कर सकेंगे।
मीडिया से बातचीत में मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने कहा, "यह एक ऐसी व्यवस्था है, जिसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति महाप्रभु जगन्नाथ जी के मंदिर के विकास और मंदिर की नियमित व्यवस्थाओं के लिए अपना सहयोग दे सकता है।"
उन्होंने बताया कि डिजिटल हुंडी का उद्देश्य दान प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाना है। इस व्यवस्था के जरिए श्रद्धालु ऑनलाइन माध्यम से सुरक्षित तरीके से दान कर सकेंगे, जिससे मंदिर प्रशासन को भी दान के प्रबंधन में आसानी होगी।
मंत्री ने कहा कि आधुनिक तकनीक को अपनाकर मंदिर प्रशासन श्रद्धालुओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहा है। डिजिटल भुगतान व्यवस्था से नकद लेनदेन पर निर्भरता कम होगी और देश-विदेश में रहने वाले भक्त भी बिना मंदिर आए अपनी श्रद्धानुसार योगदान दे सकेंगे।
ओडिशा सरकार का मानना है कि इस पहल से श्री जगन्नाथ मंदिर की विभिन्न धार्मिक, सामाजिक और विकासात्मक गतिविधियों को और मजबूती मिलेगी। साथ ही दान प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और श्रद्धालुओं का विश्वास भी मजबूत होगा। श्री जगन्नाथ मंदिर देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है, जहां हर वर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। डिजिटल हुंडी की शुरुआत को मंदिर प्रशासन की आधुनिक और भक्त-केंद्रित पहल के रूप में देखा जा रहा है।