Bhubaneswar भुवनेश्वर। ओडिशा में केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम की कथित टिप्पणी को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। बीजू जनता दल (BJD) की सांसद सुलता देव ने ओराम के बयान पर सवाल उठाते हुए इसे कानून-व्यवस्था के लिहाज से गंभीर बताया।
सुलता देव ने कहा कि यह भारतीय जनता पार्टी (BJP) की आंतरिक लड़ाई का मामला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा में लगातार आंतरिक विवाद सामने आते रहते हैं। सांसद ने कहा कि सभी जनप्रतिनिधि संविधान की शपथ लेते हैं और संविधान समानता की बात करता है।
उन्होंने कहा कि एक केंद्रीय मंत्री, जो स्वयं जनजातीय समुदाय से आते हैं, यदि कानून को हाथ में लेने जैसी बात करेंगे तो इसका समाज पर गलत प्रभाव पड़ सकता है। सुलता देव ने सवाल उठाया कि यदि केंद्रीय मंत्री इस तरह की बातें करेंगे तो उनके कार्यकर्ताओं और समर्थकों को इससे क्या संदेश जाएगा।
BJD सांसद ने कहा कि कानून को हाथ में लेने की बात कहना ही गलत है। उनके मुताबिक, सार्वजनिक जीवन में जिम्मेदार पद पर बैठे नेताओं के बयानों का व्यापक असर होता है और ऐसे बयानों से कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता पैदा हो सकती है। सुलता देव ने ओडिशा की मौजूदा कानून-व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पहले से ही खराब है और ऐसे बयानों से स्थिति और गंभीर हो सकती है।
इस बयान के बाद ओडिशा की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होने के संकेत हैं। विपक्षी दल जहां केंद्रीय मंत्री की टिप्पणी को मुद्दा बना रहा है, वहीं आने वाले दिनों में भाजपा की ओर से इस पर प्रतिक्रिया सामने आ सकती है। फिलहाल विवाद का केंद्र जुएल ओराम की कथित टिप्पणी और उसके राजनीतिक प्रभाव पर है।