बीजद सांसद सस्मित पात्रा ने ट्रैफिक समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
Bhubaneswar भुवनेश्वर। बीजू जनता दल सांसद सस्मित पात्रा ने बिना किसी योजना के तहत चल रहे सड़क मरम्मत कार्यों के कारण हो रही गंभीर ट्रैफिक समस्याओं को लेकर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को पत्र लिखा है। उन्होंने जनता की परेशानियों को कम करने के लिए विभागों के बीच बेहतर तालमेल, ट्रैफिक के उचित डायवर्जन और पीक आवर्स के दौरान प्रतिबंध लगाने का आग्रह किया।
सस्मित पात्रा ने लिखा, "मैं आपका ध्यान शहरी विकास के नाम पर भुवनेश्वर भर में चल रहे बड़े पैमाने पर सड़क मरम्मत, खुदाई, सड़क कटाई और ट्रैफिक डायवर्जन के कामों को लेकर बढ़ती चिंताओं की ओर दिलाना चाहता हूं। शहर की प्रगति के लिए ऐसी पहल जरूरी हैं, लेकिन जिस तरीके से इन्हें किया जा रहा है, उससे पता चलता है कि विभागों में आपसी तालमेल वाली योजना की गंभीर कमी है।
उन्होंने लिखा कि मुख्य सड़कों और अहम चौराहों पर एक ही समय में काम शुरू कर दिया गया है, जबकि ट्रैफिक मोड़ने की कोई सही रणनीति नहीं है। इसका नतीजा यह हो रहा है कि यात्रियों को भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ रहा है, खासकर भीड़भाड़ वाले समय में, जिससे बेवजह ट्रैफिक जाम लग रहे हैं, देरी हो रही है और रोजाना काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने लिखा कि स्पष्ट रूप से चिह्नित वैकल्पिक मार्गों का अभाव, यातायात कर्मियों की अपर्याप्त तैनाती, नागरिक एजेंसियों और यातायात अधिकारियों के बीच विभागों के आपसी तालमेल की कमी, अधिक यातायात वाले समय में चल रहे निर्माण कार्य से स्थिति बिगड़ गई है। उन्होंने लिखा कि कार्यालय जाने वालों, स्कूली परिवहन, आपातकालीन सेवाओं और आम जनता पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।
उन्होंने लिखा, "मैं आपसे आग्रह करता हूं कि आप संबंधित अधिकारियों (जिनमें भुवनेश्वर नगर निगम के कमिश्नर, भुवनेश्वर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, और कमिश्नरेट पुलिस (भुवनेश्वर-कटक) के कमिश्नर शामिल हैं) को तत्काल सुधार के लिए कदम उठाने के निर्देश दें।
उन्होंने सुझाव देते हुए लिखा कि कार्य शुरू करने से पहले यातायात को मोड़ने की सुनियोजित रणनीतियों को लागू करें। पीक ट्रैफिक आवर के दौरान सड़कों पर होने वाले बड़े निर्माण कार्यों को सीमित रखें। पर्याप्त सिग्नल, बैरिकेडिंग और सार्वजनिक सूचना प्रणालियों की उपलब्धता सुनिश्चित करें और कार्य निष्पादित करने वाली और निगरानी रखने वाली सभी एजेंसियों के बीच समन्वय को सुदृढ़ करें।