भुवनेश्वर : ओडिशा में नकली नोटों के इस्तेमाल से जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक नाबालिग कथित तौर पर नकली नोटों का बंडल लेकर स्कूटी खरीदने पहुंच गया। शुरुआत में उसने सामान्य ग्राहक की तरह स्कूटी के बारे में जानकारी ली और सौदा तय करने की कोशिश की। जब भुगतान की बारी आई और उसने नोटों का बंडल निकाला तो उसकी असामान्य मोटाई देखकर दुकानदार को शक हो गया। जांच करने पर नोटों के नकली होने का संदेह गहरा गया और पूरे मामले की पोल खुल गई।

नाबालिग स्कूटी खरीदने के इरादे से दोपहिया वाहन विक्रेता के पास पहुंचा था। उसने पसंद की स्कूटी के बारे में जानकारी लेने के बाद नकद भुगतान करने की बात कही। इसके बाद उसने नोटों की गड्डी सामने रखी। नोटों का बंडल देखने में सामान्य रकम की तुलना में अधिक मोटा नजर आ रहा था। इसी वजह से वहां मौजूद लोगों को संदेह हुआ।
इसके बाद नोटों को ध्यान से देखा गया तो उनमें कई तरह की गड़बड़ियां नजर आने की बात सामने आई। मामला संदिग्ध लगने पर इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर नाबालिग से पूछताछ शुरू की और उसके पास मौजूद संदिग्ध नोटों को अपने कब्जे में लिया।
अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नाबालिग के पास ये कथित नकली नोट कहां से आए और क्या उसने इससे पहले भी इनका इस्तेमाल कहीं किया था। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि मामले के पीछे कोई अन्य व्यक्ति या संगठित गिरोह तो सक्रिय नहीं है। नाबालिग होने के कारण मामले में किशोर न्याय कानून के प्रावधानों के तहत आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
नकली नोटों से स्कूटी खरीदने की इस कोशिश ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। खास तौर पर इतनी बड़ी मात्रा में संदिग्ध नोट एक नाबालिग तक कैसे पहुंचे, इसकी जांच अहम मानी जा रही है। पुलिस नोटों के स्रोत और पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है। इस घटना में दुकानदार की सतर्कता महत्वपूर्ण साबित हुई। अगर नोटों के बंडल की मोटाई पर शक नहीं होता तो कथित नकली नोटों का इस्तेमाल कर स्कूटी खरीदने की कोशिश सफल हो सकती थी। फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट होने की उम्मीद है।
Tags: