जाजपुर। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बुधवार, 14 अक्टूबर को राज्य के औद्योगिक विकास को नई गति देने के लिए 46 औद्योगिक परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में कुल 39,383 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ने जाजपुर जिले के कलिंगनगर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान राज्य को पूर्वी भारत का प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने का लक्ष्य दोहराया। उन्होंने अगले दशक में ओडिशा को 500 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का रोडमैप भी प्रस्तुत किया।इन औद्योगिक परियोजनाओं से राज्य में करीब 42,500 लोगों के लिए प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई गई है। इसके अलावा अप्रत्यक्ष रूप से भी बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार औद्योगिक उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ राज्य के सभी जिलों में संतुलित आर्थिक विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
46 औद्योगिक परियोजनाओं से विकास को मिलेगी गति
जाजपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी 46 औद्योगिक परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इनमें स्टील, मेटल, रिन्यूएबल एनर्जी, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, केमिकल, लॉजिस्टिक्स, टूरिज्म, आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं।सरकार का उद्देश्य राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देना और उत्पादन क्षमता का विस्तार करना है। इन परियोजनाओं के माध्यम से पारंपरिक उद्योगों के साथ आधुनिक तकनीक आधारित उद्योगों को भी विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।औद्योगिक विस्तार की यह पहल केवल जाजपुर तक सीमित नहीं है। परियोजनाएं राज्य के 14 जिलों में फैली हुई हैं। इनमें अंगुल, बरगढ़, बालासोर, बौध, कटक, ढेंकनाल, जाजपुर, जगतसिंहपुर, क्योंझर, खुर्दा, मयूरभंज, पुरी, संबलपुर और सुंदरगढ़ शामिल हैं।
42 हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद
सरकार के अनुसार इन परियोजनाओं से लगभग 42,512 रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक निवेश के साथ रोजगार सृजन उनकी सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल हैउन्होंने औद्योगिक विस्तार के जरिए युवाओं के लिए राज्य के भीतर रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया। परियोजनाओं के शुरू होने से प्रत्यक्ष रोजगार के अलावा परिवहन, आपूर्ति, रखरखाव, सेवाओं और अन्य सहायक गतिविधियों से जुड़े क्षेत्रों में भी रोजगार की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।हालांकि, रोजगार के ये आंकड़े अनुमानित हैं। वास्तविक रोजगार सृजन परियोजनाओं के निर्माण, संचालन और उत्पादन शुरू होने की प्रगति पर निर्भर करेगा।
500 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कार्यक्रम में अपनी सरकार का दीर्घकालिक आर्थिक दृष्टिकोण सामने रखा। उन्होंने कहा कि ओडिशा को अगले दशक में 500 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।उन्होंने औद्योगिक उत्पादन में वृद्धि, नए निवेश और संतुलित क्षेत्रीय विकास को राज्य की आर्थिक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण बताया। सरकार का लक्ष्य ओडिशा को पूर्वी भारत के प्रमुख विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करना है।मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि औद्योगिक विकास का लाभ राज्य के विभिन्न जिलों तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए अलग-अलग क्षेत्रों में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई गई।
नए उद्योगों के साथ स्थानीय कारोबार को भी अवसर
इन परियोजनाओं में स्टील और धातु उद्योग के साथ नवीकरणीय ऊर्जा, खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र निर्माण और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इससे राज्य के औद्योगिक आधार में विविधता लाने की योजना है।सरकार का मानना है कि बड़े औद्योगिक निवेश से स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं, छोटे एवं मध्यम उद्योगों और उद्यमियों के लिए भी नए अवसर पैदा हो सकते हैं। कार्यक्रम में उद्योग प्रतिनिधियों और सरकारी अधिकारियों के बीच परियोजनाओं के क्रियान्वयन तथा भविष्य के निवेश को लेकर चर्चा भी हुई।
संतुलित औद्योगिक विकास पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य केवल बड़े उद्योग स्थापित करना नहीं, बल्कि औद्योगिक विकास को राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों तक पहुंचाना भी है।ओडिशा सरकार की इस पहल में औद्योगिक उत्पादन, निवेश आकर्षित करने और रोजगार सृजन को एक साथ आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया है। अब इन परियोजनाओं का समय पर निर्माण और संचालन राज्य के घोषित आर्थिक लक्ष्यों को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।