Chhatrapur छत्रपुर: गंजाम ज़िले के छत्रपुर की रहने वाली सुभास्मिता पांडा ने इस साल की रथ यात्रा के दौरान सिर्फ़ 45 मिनट में भगवान जगन्नाथ की 15 इंच ऊंची मोम की मूर्ति बनाकर 'नेशनल बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स' में अपना नाम दर्ज कराया है। उनकी इस शानदार कलाकारी ने गंजाम ज़िले और ओडिशा का मान बढ़ाया है और उनकी रचनात्मकता, हुनर ​​और कला के प्रति समर्पण को दिखाया है।
सुभास्मिता ब्रह्मपुर के पराला महाराजा इंजीनियरिंग कॉलेज में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग की फ़ाइनल ईयर की होनहार छात्रा हैं। पढ़ाई के साथ-साथ, उन्होंने अपनी पेंटिंग के लिए 3 राष्ट्रीय और 1 अंतरराष्ट्रीय स्तर का गोल्ड मेडल जीता है। वह तीन अंग्रेज़ी किताबों की लेखिका भी हैं। कई खूबियों वाली सुभास्मिता ने पहले भी अपने साहित्यिक कामों से लोगों का ध्यान खींचा है। 2025 में, उन्होंने सिर्फ़ 11 हफ़्तों में दो अंग्रेज़ी किताबें प्रकाशित करके 'इंडिया बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स' में जगह बनाई थी।
उन्होंने बताया कि भगवान जगन्नाथ के प्रति उनकी गहरी श्रद्धा और कला के प्रति उनके बेपनाह प्यार की वजह से ही वह यह अनोखा कारनामा कर पाईं। सुभास्मिता के पिता सुरेंद्र कुमार पांडा वकील हैं और उनकी माँ ममता रानी पांडा गृहिणी हैं।
इस सफलता को हासिल करने में उनके परिवार के लगातार सहयोग और प्रेरणा ने अहम भूमिका निभाई। उनकी यह अनोखी उपलब्धि निश्चित रूप से आज के युवाओं को अपने लक्ष्यों के प्रति समर्पित रहने और कला व रचनात्मकता के ज़रिए अपने क्षेत्र को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए प्रेरित करेगी।
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