भुवनेश्वर: पारादीप में मौजूद कोस्टल एनवायरनमेंटल मॉनिटरिंग नोडल सेंटर (CEMC) को तटीय पर्यावरण की निगरानी और रिसर्च को बेहतर बनाने के लिए 'सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस' के तौर पर विकसित किया जाएगा।

यह फ़ैसला यहाँ लोक सेवा भवन में हुई ओडिशा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (OSPCB) की 135वीं बोर्ड बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव अनु गर्ग ने कहा कि पारादीप में CEMC सिर्फ़ एक प्रयोगशाला नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसे तटीय पर्यावरण की सुरक्षा के लिए विज्ञान, डेटा और टेक्नोलॉजी के एक इंटीग्रेटेड सेंटर के तौर पर विकसित किया जाना चाहिए।

राज्य के पर्यावरण निगरानी इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करने के लिए कटक, झारसुगुड़ा, कोरापुट, कलिंग नगर, भुवनेश्वर, क्योंझर और संबलपुर में ऑफिस बिल्डिंग बनाने और पटिया में प्रयोगशाला को आधुनिक बनाने के प्रस्तावों पर चर्चा की गई।

 

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