बेरहामपुर: ओडिशा के दूर-दराज के आदिवासी इलाकों में खराब सड़क संपर्क और स्वास्थ्य सुविधाओं की बदतर स्थिति को दर्शाती एक दुखद घटना सामने आई है। रायगडा जिले के काशीपुर ब्लॉक में एक 35 वर्षीय गर्भवती महिला को लगभग 5 किलोमीटर तक कपड़े की झोली में रखकर एम्बुलेंस तक ले जाया गया। बाद में, रायगडा के जिला मुख्यालय अस्पताल (DHH) में उसने एक मृत बच्चे को जन्म दिया।

यह घटना रविवार को सिजीमाली इलाके की सुंगेर ग्राम पंचायत के मालीपादर गांव में हुई। अर्जुन माझी की पत्नी सुकू माझी को प्रसव पीड़ा शुरू हुई, जिसके बाद एक आशा कार्यकर्ता (स्वास्थ्य कर्मी) ने एम्बुलेंस बुलाई। हालांकि, मालीपादर तक कोई पक्की सड़क न होने के कारण, एम्बुलेंस केवल अलीगुना गांव के पास तक ही पहुंच सकी। इसके बाद, महिला के परिजन उसे कपड़े की झोली में रखकर पहाड़ी रास्तों से होते हुए एम्बुलेंस तक ले गए।

एम्बुलेंस चालक दीपक गोपाल ने महिला को अस्पताल पहुंचाने में मदद की। उसे पहले पास के सुंगेर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन वहां कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। इसके बाद उसे काशीपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। हालत गंभीर होने के कारण उसे रायगडा के जिला मुख्यालय अस्पताल (DHH) रेफर कर दिया गया, जहां उसने एक मृत बच्चे को जन्म दिया।

रायगडा के मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. बिश्वंभर बेहरा ने बताया, "सुकू का DHH में इलाज चल रहा है और उसकी हालत स्थिर है।" उन्होंने कहा कि महिला को इस तरह ले जाए जाने की घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

 

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