दीमापुर: नेशनल पीपल्स पार्टी (NPP) ने सोमवार को नागालैंड विधानसभा (NLA) के स्पीकर के पास अलग-अलग याचिकाएं दायर कीं। इन याचिकाओं में उन पांच विधायकों को अयोग्य घोषित करने की मांग की गई है जो पिछले हफ्ते नागा पीपल्स फ्रंट (NPF) में शामिल हो गए थे।
एक प्रेस विज्ञप्ति में, NPP के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वेवोयी डी विदेओ ने कहा कि ये याचिकाएं संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत हर विधायक के खिलाफ दायर की गई हैं। इस अनुसूची में दल-बदल के आधार पर अयोग्यता से जुड़े प्रावधान हैं।
विदेओ ने कहा, "हम स्पीकर के संवैधानिक पद का सम्मान करते हैं और कानून के अनुसार उनके सामने अपना पक्ष रखेंगे।"
ये याचिकाएं ए न्यामन्येई कोन्याक (48 मोका A/C), नुकलुतोशी (22 अरकाकोंग A/C), सी किपिली सांगतम (59 सेयोचुंग-सिटिमी A/C), डॉ. त्सिलहोउटुओ रुत्सो (9 कोहिमा टाउन A/C) और बेनेई एम लैमथियू (57 थोनोंकन्यू A/C) के NPF में शामिल होने के कदम के बाद दायर की गई हैं। ये पांचों विधायक 2023 के विधानसभा चुनाव में NPP के टिकट पर चुने गए थे।
इसके बाद विधानसभा स्पीकर ने दसवीं अनुसूची के पैरा 4(2) और नागालैंड विधानसभा सदस्य (दल-बदल के आधार पर अयोग्यता) नियम, 2019 के तहत 1 अक्टूबर से NPF के साथ उनके विलय को प्रभावी घोषित कर दिया। इस कदम से 60 सदस्यों वाली विधानसभा में NPF की संख्या बढ़कर 39 हो गई।
NPP ने पहले इस कदम को विलय मानने से इनकार कर दिया था। पार्टी का कहना था कि दसवीं अनुसूची के तहत विलय के लिए संबंधित राजनीतिक दलों की भागीदारी वाला फैसला ज़रूरी होता है। पार्टी ने कहा था कि वह विलय की घोषणा करने वाली 1 अक्टूबर की अधिसूचना की जांच कर रही है और संविधान, दसवीं अनुसूची और लागू कानूनों के तहत उपलब्ध कानूनी रास्ते अपनाएगी।
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