गुवाहाटी: नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ़ नागालिम-इसाक-मुइवा (NSCN-IM) को एक इंटरनेशनल नेटवर्क के ज़रिए हथियार और गोला-बारूद हासिल करने में मदद करने के आरोपी एक थाई बिज़नेसमैन को नई दिल्ली की एक स्पेशल NIA कोर्ट ने छह साल की जेल की सज़ा सुनाई है।
राउज़ एवेन्यू ज़िला अदालतों में NIA मामलों की स्पेशल एक्सक्लूसिव कोर्ट-03 ने विली नारुएनार्टवानिच पर 5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने उन्हें कथित हथियार खरीद साज़िश में एक बिचौलिया बताया था।
अदालत ने बुधवार को सज़ा सुनाई। इससे पहले, 24 सितंबर 2026 को नारुएनार्टवानिच को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं 120B और 122 और गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धारा 18 के तहत दोषी ठहराया गया था।
यह मामला गृह मंत्रालय के आदेश के बाद जनवरी 2010 में NIA द्वारा दर्ज किया गया था।
NIA की जांच के अनुसार, बैंकॉक में रहने वाले नारुएनार्टवानिच ने NSCN (IM) के लिए घातक हथियार और गोला-बारूद हासिल करने के लिए एक इंटरनेशनल व्यवस्था बनाने में अहम भूमिका निभाई थी।
जांचकर्ताओं का आरोप है कि उन्होंने एंथनी शिमरे के साथ काम किया, जिनकी पहचान संगठन के मुख्य हथियार खरीदकर्ता के तौर पर हुई थी, और उन्होंने चीन की एक हथियार और गोला-बारूद कंपनी के साथ बातचीत में मदद की।
जांच के अनुसार, प्रस्तावित खरीद और ट्रांसशिपमेंट डील की कीमत लगभग 1.2 मिलियन अमेरिकी डॉलर थी।
NIA का आरोप है कि इन हथियारों का मकसद संगठन के सशस्त्र कैडर को मज़बूत करना और आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देना था, और ये भारत सरकार के ख़िलाफ़ युद्ध छेड़ने की तैयारी से जुड़ी गतिविधियां थीं।
यह सज़ा उस लंबे समय से चल रहे मामले में एक नया घटनाक्रम है, जो उस कथित इंटरनेशनल नेटवर्क से जुड़ा है जिसके ज़रिए NSCN (IM) विदेशी स्रोतों से हथियार और गोला-बारूद हासिल करने की कोशिश कर रहा था।