कोहिमा: नागालैंड लोक सेवा आयोग (NPSC) ने प्रतियोगी परीक्षाओं में उम्मीदवारों की बढ़ती संख्या के बीच पर्याप्त परीक्षा केंद्रों और कर्मचारियों की कमी को बड़ी चुनौती बताया है। आयोग ने कहा है कि परीक्षार्थियों की संख्या लगातार बढ़ने से मौजूदा परीक्षा ढांचे पर दबाव बढ़ रहा है और इसके लिए बड़े परीक्षा केंद्रों के साथ अतिरिक्त जनशक्ति की जरूरत है। यह मुद्दा राज्यपाल नंद किशोर यादव की अध्यक्षता में लोक भवन कोहिमा में हुई समीक्षा बैठक के दौरान सामने आया।

बैठक में NPSC अधिकारियों ने आयोग की संगठनात्मक संरचना, कर्मचारियों की स्थिति, परीक्षा गतिविधियों, विभागीय पदोन्नति समिति के कामकाज, उपलब्धियों, चुनौतियों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी राज्यपाल को दी।
16 हजार से ज्यादा आवेदन
आयोग के मुताबिक 2025-26 के दौरान नागालैंड सिविल सर्विसेज एंड एलाइड सर्विसेज परीक्षा सहित इंजीनियरिंग, मेडिकल, टेक्निकल और स्टेनोग्राफर जैसी विभिन्न परीक्षाएं आयोजित की गईं। NCS & Allied Services Examination में 16,433 आवेदन मिले, जबकि NCS & NPS & Allied Services Examination में 5,813 आवेदन प्राप्त हुए।
उम्मीदवारों की इतनी बड़ी संख्या के कारण उपयुक्त परीक्षा केंद्र उपलब्ध कराने में परेशानी सामने आ रही है। आयोग ने परीक्षा संबंधी कामकाज के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों और बड़ी परीक्षा सुविधाओं की जरूरत भी बताई है।
परीक्षा प्रणाली में बदलाव की तैयारी
NPSC ने NCS, NPS और संबद्ध सेवाओं के पाठ्यक्रम तथा परीक्षा पैटर्न में संशोधन की जानकारी भी दी। आयोग के अनुसार नए बदलावों में उम्मीदवारों की विश्लेषणात्मक क्षमता, सामान्य जागरूकता और प्रशासनिक योग्यता के आकलन पर अधिक जोर दिया जा रहा है। Combined Technical Services Examination के पाठ्यक्रम और परीक्षा पैटर्न में भी संशोधन किया गया है।
आयोग ने भविष्य में Combined Technical Services के लिए तीन स्तरीय परीक्षा प्रणाली लागू करने की योजना भी बताई है। इसके अलावा विभागों से रिक्तियों से संबंधित मांग ऑनलाइन प्राप्त करने और NPSC परिसर में नया परीक्षा हॉल बनाने की योजना है।
भर्ती प्रक्रिया को किया जा रहा डिजिटल
आयोग भर्ती प्रक्रिया में डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल भी बढ़ा रहा है। NPSC के अनुसार उसके भर्ती पोर्टल को DigiLocker से जोड़ने के लिए केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने प्रशंसा प्रमाणपत्र दिया है। आयोग का कहना है कि DigiLocker और eSign दोनों मॉडल लागू करने वाला नागालैंड पूर्वोत्तर का पहला और देश का तीसरा राज्य बना है।
अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच NPSC ने विभागीय पदोन्नति समिति के जरिए कुल 444 मामलों का निपटारा किया। इनमें 163 पदोन्नति और 281 नियमितीकरण के मामले शामिल थे। बढ़ते परीक्षा भार को देखते हुए अब आयोग का जोर कर्मचारियों और परीक्षा संबंधी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर है।
Tags: