कोहिमा: नागालैंड यूनिवर्सिटी के छात्रों को ड्रोन टेक्नोलॉजी की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी गई। प्रशिक्षण का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से परिचित कराना और उन्हें ड्रोन के संचालन, उपयोग तथा इससे जुड़ी व्यावहारिक जानकारी देना रहा।

ट्रेनिंग के दौरान छात्रों को ड्रोन के अलग-अलग हिस्सों, उड़ान की बुनियादी तकनीक, सुरक्षा मानकों और संचालन प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को यह भी समझाया गया कि ड्रोन का इस्तेमाल कृषि, सर्वेक्षण, आपदा प्रबंधन, मैपिंग और निगरानी जैसे क्षेत्रों में कैसे किया जा सकता है।
प्रैक्टिकल सेशन में छात्रों ने ड्रोन को उड़ाने और नियंत्रित करने का अनुभव भी हासिल किया। इससे उन्हें केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं, बल्कि वास्तविक परिस्थितियों में तकनीक के इस्तेमाल को समझने का मौका मिला। ड्रोन तकनीक का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है और कई क्षेत्रों में प्रशिक्षित युवाओं की मांग भी बढ़ रही है। ऐसे में इस तरह की ट्रेनिंग को विद्यार्थियों के कौशल विकास और रोजगार की संभावनाओं से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
विश्वविद्यालय स्तर पर आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण से छात्रों को नई तकनीकों के प्रति जागरूक करने और इनोवेशन की दिशा में आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है। आने वाले समय में ड्रोन से जुड़े और उन्नत प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जा सकते हैं।
Tags: