दीमापुर: नागालैंड के राज्यपाल नंद किशोर यादव ने बुधवार को म्यांमार के साथ बेहतर सड़क संपर्क की आवश्यकता पर जोर दिया। म्यांमार की सीमा नागालैंड के मेलुरी जिले से लगती है। उन्होंने कहा कि बेहतर बुनियादी ढांचे से बाजारों और आवश्यक सेवाओं तक पहुंच आसान होगी, और इससे व्यापार, पर्यटन तथा आर्थिक गतिविधियों के लिए नए अवसर पैदा होंगे।
यादव ने भारत सरकार की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' के तहत, सीमा-पार व्यापार को बढ़ावा देने और दक्षिण-पूर्व एशिया के साथ संपर्क मजबूत करने के लिए अवाखुंग (Avakhung) स्थित 'इंटरनेशनल ट्रेड सेंटर' की संभावनाओं का भी जिक्र किया।
उन्होंने जिले के अपने दौरे के दौरान, मेलुरी विलेज काउंसिल हॉल में जिला प्रशासन, विभिन्न विभागों के प्रमुखों, ग्राम परिषद के प्रतिनिधियों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ एक बैठक में ये बातें कहीं।
यादव ने इस बात पर भी जोर दिया कि पर्यावरण की रक्षा करते हुए और स्थानीय समुदायों के हितों का ध्यान रखते हुए, मेलुरी के खनिज संसाधनों, पर्यटन की संभावनाओं, कृषि और बागवानी का उपयोग सतत आर्थिक विकास के लिए किया जाना चाहिए।
उन्होंने लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, पेयजल, बिजली और डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के महत्व पर भी जोर दिया।
उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से मिलकर काम करने का आह्वान किया और सरकारी विभागों से आग्रह किया कि वे तत्परता और दूरदर्शिता के साथ काम करें। साथ ही, उन्होंने मेलुरी के लोगों से भी जिले के विकास में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की।
उन्होंने विश्वास जताया कि नागालैंड का सबसे नया जिला होने के नाते, मेलुरी एक आदर्श सीमावर्ती जिले के रूप में उभर सकता है—जो शांतिपूर्ण हो, अच्छी तरह जुड़ा हुआ हो, पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार हो और आर्थिक रूप से समृद्ध हो। ऐसा जिला नागालैंड की प्रगति और दक्षिण-पूर्व एशिया के साथ भारत के संबंधों को मजबूत करने में योगदान दे सकता है।