Mizoram मिजोरम: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शुक्रवार को कहा कि लोकतंत्र में विधान सभाओं में जनप्रतिनिधियों का आचरण गरिमापूर्ण होना चाहिए तथा उन्हें जनता के साथ निरंतर संवाद बनाए रखना चाहिए, ताकि उनका जीवन बेहतर हो सके। राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (सीपीए), भारत क्षेत्र जोन-III के 21वें वार्षिक सम्मेलन के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए बिरला ने यह भी कहा कि विकसित भारत के निर्माण में पूर्वोत्तर क्षेत्र के राज्यों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा, "लोकतंत्र में जनप्रतिनिधि जनता की आवाज होते हैं। सदन में हमारा आचरण गरिमापूर्ण होना चाहिए, हमें जनता के साथ निरंतर संवाद बनाए रखना चाहिए तथा उनका जीवन बेहतर बनाना चाहिए। यह हमारा नैतिक कर्तव्य है।"

लोकसभा अध्यक्ष ने विश्वास व्यक्त किया कि इस सम्मेलन में 'विधायी शुचिता बनाए रखने' जैसे महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा से प्रत्येक जनप्रतिनिधि अधिक जिम्मेदार बनेगा। बिरला ने कहा कि इस सम्मेलन से प्राप्त परिणाम तथा स्वस्थ एवं सार्थक चर्चा पूर्वोत्तर राज्यों में प्रगति एवं विकास के एजेंडे को आगे बढ़ाने में सहायक होंगे। बिड़ला ने कहा, ''कई विदेशी निवेशकों ने पहले ही भारत में गहरी दिलचस्पी दिखाई है और बेहतर कनेक्टिविटी के साथ, कृषि, कला, संस्कृति और पर्यटन में पूर्वोत्तर की अप्रयुक्त क्षमता और भी अधिक निवेश आकर्षित कर सकती है।'' मिजोरम विधानसभा में आयोजित दो दिवसीय सीपीए सम्मेलन शनिवार को संपन्न होगा।
Tags: