मिज़ोरम: राज्य सरकार का लक्ष्य है कि 2047 तक राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) में पर्यटन का योगदान मौजूदा 2.3 प्रतिशत से बढ़कर 5-7 प्रतिशत हो जाए। इसके लिए सरकार बुनियादी ढांचे को बढ़ाने और स्थानीय समुदायों के लिए रोज़गार के अवसर पैदा करने के लिए निजी निवेश को आमंत्रित कर रही है।
बुधवार को 'मिज़ोरम ट्रैवल फेस्ट 2026' में मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने कहा कि राज्य का लक्ष्य 31 दिसंबर तक कम से कम 10 लाख पर्यटकों को आकर्षित करना है। बेहतर कनेक्टिविटी और राज्य के प्राकृतिक नज़ारों व सांस्कृतिक विरासत में बढ़ती दिलचस्पी के कारण पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
मिज़ोरम की खासियतों पर ज़ोर देते हुए लालदुहोमा ने कहा कि यहाँ के लोगों में नागरिक बोध (civic sense), स्वच्छता, शांतिपूर्ण माहौल और महिलाओं की सुरक्षा जैसी खूबियाँ पिछली पीढ़ियों से मिली हैं और इन्हें सिर्फ़ वित्तीय निवेश से पैदा नहीं किया जा सकता।
मुख्यमंत्री ने कहा, "नागरिक बोध, स्वच्छ हवा, हमारी संस्कृति और शांति ऐसी खूबियाँ हैं जो हमें अपने पूर्वजों से मिली हैं; इनके लिए किसी निवेश की ज़रूरत नहीं है।" साथ ही उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि सरकार पर्यटन से जुड़े बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए भी काम कर रही है।
केंद्र और बाहरी सहयोगियों की मदद से अभी 681.16 करोड़ रुपये की लागत वाली पर्यटन बुनियादी ढांचा परियोजनाएँ चल रही हैं। इनमें इको-रिसॉर्ट, रोपवे, हेरिटेज सेंटर, तीर्थयात्रा सर्किट और कन्वेंशन सुविधाएँ शामिल हैं।
लालदुहोमा ने कहा, "सरकार आधार तैयार कर रही है और हम निजी क्षेत्र को आमंत्रित करते हैं कि वे इसे आगे बढ़ाएँ।" उन्होंने कंपनियों से राज्य के पर्यटन विकास के अगले चरण में भाग लेने का आह्वान किया।
पर्यटकों की संख्या में 51 प्रतिशत की वृद्धि
कार्यक्रम में साझा किए गए आँकड़ों के अनुसार, जनवरी और अगस्त 2026 के बीच मिज़ोरम में 6.7 लाख से ज़्यादा पर्यटक आए, जो पिछले साल इसी अवधि की तुलना में 51 प्रतिशत ज़्यादा है।
सितंबर 2025 में बैराबी-साइरंग रेलवे लाइन खुलने से कनेक्टिविटी बेहतर हुई है और राज्य की यात्रा करना आसान हो गया है।
लालदुहोमा ने कहा, "मिज़ोरम के लिए माँग वास्तविक है और बढ़ रही है, और अब यह उपलब्ध सुविधाओं से कहीं ज़्यादा हो गई है। यही अंतर हमारे लिए एक अवसर है।" पर्यटन मंत्री लालनिंगलोवा हमार ने कहा कि 2026 के आखिर तक 10 लाख पर्यटकों का लक्ष्य मिजोरम की आबादी के लगभग बराबर है। हालांकि, उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि पर्यटन की बढ़त को सिर्फ़ पर्यटकों की संख्या से नहीं मापा जाना चाहिए।
हमार ने कहा, "हमारे लिए, पर्यटन का मतलब सिर्फ़ पर्यटकों की संख्या बढ़ाना नहीं है। इसका मकसद यह पक्का करना है कि आर्थिक फ़ायदे हमारे लोगों तक पहुँचें और स्थानीय व्यवसायों और समुदायों के लिए मौके पैदा हों।"
संस्कृति, प्रकृति और त्योहार पर्यटन को बढ़ावा देंगे
पर्यटन विभाग की एक प्रस्तुति में मिजोरम के 85.34 प्रतिशत वन क्षेत्र, जैव विविधता, सुंदर नज़ारों, झरनों और जीवंत मिज़ो संस्कृति को मुख्य आकर्षणों के तौर पर दिखाया गया।
राज्य की पर्यटन रणनीति का मकसद पर्यटन स्थलों को रहने की जगह, परिवहन, प्रशिक्षित कर्मचारियों, स्थानीय सेवाओं और बुक करने लायक अनुभवों से जोड़ना है, ताकि पर्यटकों को और जगहों पर घूमने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके और स्थानीय व्यवसायों पर खर्च को बढ़ावा दिया जा सके।
मिजोरम पर्यटन कार्यक्रम और त्योहार कैलेंडर 2026 में शामिल होने वाले आगामी कार्यक्रमों में चम्फाई में 16 अक्टूबर तक चलने वाला हनाहसिन कुट या कॉसमॉस फेस्टिवल; लुंगलेई में 11 से 13 नवंबर तक लेइटलांगपुई संगीत समारोह; और आइजोल में 15 से 23 दिसंबर तक विंटर फेस्टिवल शामिल हैं।
सरकार सार्वजनिक रूप से समर्थित बुनियादी ढांचे, सामुदायिक उद्यमों, सार्वजनिक-निजी भागीदारी वाले कार्यों और निजी तौर पर चलाए जाने वाले पर्यटन अनुभवों में निवेश के मौकों की भी पहचान कर रही है।
पर्यटन विभाग के कमिश्नर और सचिव डॉ. लालरोजामा ने पर्यटकों की बढ़ती संख्या और मांग व मौजूदा सुविधाओं के बीच के अंतर से पैदा होने वाले मौकों पर प्रकाश डाला और कहा कि मिजोरम ज़िम्मेदार निवेश के लिए तैयार है।
योजना और कार्यक्रम कार्यान्वयन तथा वित्त विभागों के कमिश्नर और सचिव वनलालदीना फनाई ने पर्यटन विकास को राज्य के उद्यम और निजी निवेश से चलने वाली ज़्यादा आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था बनाने के व्यापक लक्ष्य से जोड़ा। उन्होंने भविष्य में कनेक्टिविटी के संभावित विकल्पों पर भी प्रकाश डाला, जिसमें दक्षिणी मिजोरम तक रेलवे सुविधा का विस्तार और छोटे हवाई अड्डों की संभावना तलाशना शामिल है।
सस्टेनेबिलिटी और क्षेत्रीय सहयोग
सरकार ने इस बात पर ज़ोर दिया है कि पर्यटन के विस्तार में प्राकृतिक पर्यावरण और सांस्कृतिक मूल्यों को बचाकर रखना ज़रूरी है, जो मिजोरम के आकर्षण का आधार हैं। पर्यटन विभाग ने सेंट्रल यंग मिज़ो एसोसिएशन (CYMA) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं, ताकि पर्यटकों को स्थानीय रीति-रिवाजों, परंपराओं और सही व्यवहार के बारे में जागरूक किया जा सके।
पर्यटन मंत्री हमार ने पर्यावरण के अनुकूल त्योहारों और पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देने की भी अपील की है, जिसमें प्लास्टिक कचरे को कम करना और प्लास्टिक-मुक्त कार्यक्रमों को प्रोत्साहित करना शामिल है। सरकार CYMA और आइजोल नगर निगम के साथ मिलकर ठहरने की जगहों (अकोमोडेशन यूनिट्स) के बेहतर नियमन और निगरानी की योजना बना रही है।
लालडुहोमा ने क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने में पर्यटन की क्षमता पर भी जोर दिया। उन्होंने म्यांमार और बांग्लादेश के साथ मिजोरम की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं और केंद्र सरकार की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' के तहत राज्य की स्थिति का भी उल्लेख किया।