मिजोरम: क्रिसमस के मौसम को देखते हुए, मिजोरम सरकार ने जनता से सहयोग की अपील की है और उनसे नए लागू हुए 'मिजोरम आतिशबाजी विनियमन अधिनियम, 2026' का स्वेच्छा से पालन करने को कहा है।
इस कानून को लागू करने के संबंध में चर्चा करने के लिए, गृह मंत्री के. सपडांगा ने 3 नवंबर को आइजोल में एक बैठक की। बैठक में अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि कानून लागू करने के साथ-साथ लोगों में जागरूकता फैलाना भी जरूरी है।
इस बैठक में मुख्य सचिव खिल्ली राम मीना, डीजीपी शरद अग्रवाल, गृह और सामान्य प्रशासन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, तथा सेंट्रल यंग मिजो एसोसिएशन (YMA), आइजोल नगर निगम (AMC) और मिजोरम मर्चेंट्स एसोसिएशन (MIMA) के प्रतिनिधि शामिल हुए।
सपडांगा ने कहा कि केवल कानून लागू कर देने से ही आतिशबाजी को नियंत्रित नहीं किया जा सकता। उन्होंने लोगों को आतिशबाजी से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक करने और उन्हें स्वेच्छा से इन प्रतिबंधों का पालन करने के लिए प्रोत्साहित करने पर जोर दिया।
शांतिपूर्ण, स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण बनाए रखने में YMA की भूमिका को रेखांकित करते हुए, मंत्री ने सरकार, चर्चों, स्थानीय समुदायों और स्वयंसेवी संगठनों के बीच आपसी समन्वय के साथ काम करने का आह्वान किया।
गृह सचिव वानलालमाविया ने इस अधिनियम पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने अधिनियम के उन प्रावधानों के बारे में बताया जो आतिशबाजी के उपयोग, उसे अपने पास रखने और उसकी बिक्री को नियंत्रित करते हैं, साथ ही नियमों का उल्लंघन करने पर मिलने वाली सजा के बारे में भी जानकारी दी।
इस कानून के तहत, इसके कार्यान्वयन की निगरानी के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति, जिला पर्यवेक्षी समितियां और स्थानीय पर्यवेक्षी समितियां बनाने का भी प्रावधान है।
बैठक में मीडिया, चर्चों और सामुदायिक नेताओं के माध्यम से जन जागरूकता अभियानों को और व्यापक बनाने पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने क्रिसमस से पहले राज्य में आतिशबाजी को आने से रोकने के लिए MIMA के साथ मिलकर काम करने, और लोगों को स्वेच्छा से आतिशबाजी का उपयोग न करने के लिए प्रोत्साहित करने के तरीकों पर भी विचार-विमर्श किया।