मिजोरम : पैतृक स्थान जातीय संघर्ष के चलते छोड़कर पड़ोसी राज्य, खत्म होगी शरणार्थी समस्या

Update: 2022-07-10 15:16 GMT

अगरतला: त्रिपुरा के धलाई जिले के लोंगटेराई रेंज में हदुकलाऊ पर्वतीय क्षेत्र में अब छोटे-छोटे स्मार्ट मकान बन गए हैं जिनमें करीब 92 ब्रू परिवार स्थायी तौर पर रहेंगे. ये लोग 25 साल पहले जातीय संघर्ष के बाद मिजोरम स्थित अपने घरों को छोड़कर आ गए थे और शरणार्थी शिविरों में रह रहे थे.

समुदाय की 'शरणार्थी' स्थिति का स्थायी रूप से हल करने के वास्ते सरकार द्वारा प्रदान की गई भूमि पर मकान बनाने के लिए 400 से अधिक ब्रू लोगों ने राहत शिविर छोड़ दिया.
हजारों ब्रू आदिवासी 1997 से त्रिपुरा में राहत शिविरों में रह रहे हैं. वे मिजोरम में अपने पैतृक स्थान जातीय संघर्ष के चलते छोड़कर पड़ोसी राज्य आ गए थे. अधिकारियों का अनुमान है कि आंतरिक रूप से विस्थापित हुए ब्रू समुदाय के लोगों की कुल संख्या 37,136 से अधिक है.
केंद्रीय सामाजिक अधिकारिता राज्य मंत्री प्रतिमा भौमिक ने कहा, ''त्रिपुरा में 25 साल से निर्वासित ब्रू आदिवासियों को बसाने की प्रक्रिया पिछले साल शुरू हुई थी. केंद्र सरकार ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाया है और समस्या को हल करने के लिए काम किया है.'
कंचनपुर के उपमंडल अधिकारी सुभाष आचार्य ने कहा कि विस्थापितों को इस वर्ष 31 अगस्त तक राज्य के विभिन्न भागों में बसा दिया जाएगा.


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