आइजोल: नॉर्थ ईस्टर्न रीजन (DoNER) के विकास के लिए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने सोमवार को आइजोल में लगभग 331 करोड़ रुपये की लागत वाली 10 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया और उनकी आधारशिला रखी। केंद्र सरकार पूरे पूर्वोत्तर में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और निवेश को बढ़ावा देना चाहती है।
लेंगपुई एयरपोर्ट पहुंचने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए सिंधिया ने कहा कि ये परियोजनाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विजन को दिखाती हैं, जिसके तहत आठ पूर्वोत्तर राज्यों को 'अष्ट लक्ष्मी' – यानी 'विकसित भारत 2047' की ओर भारत की यात्रा के विकास इंजन – के तौर पर स्थापित किया जा रहा है।
एयरपोर्ट से मंत्री आइजोल के पश्चिमी बाहरी इलाके में तुइवामित गए, जहां उन्होंने पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए 'आइजोल इंस्टीट्यूट ऑफ आर्ट्स एंड म्यूजिक' का उद्घाटन किया और वर्चुअली अन्य परियोजनाओं की आधारशिला रखी।
सभा को संबोधित करते हुए सिंधिया ने कहा कि पूर्वोत्तर भारत की आर्थिक वृद्धि के एक बड़े चालक के रूप में उभर रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मिजोरम की भौगोलिक चुनौतियां वहां के लोगों की आकांक्षाओं या अवसरों को सीमित नहीं करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार बेहतर कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए बाजारों, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य जरूरी अवसरों से राज्य की दूरी के कारण पैदा होने वाली पुरानी मुश्किलों को दूर करने के लिए काम कर रही है।
सिंधिया ने कहा, "भूगोल हमारे लैंडस्केप को आकार दे सकता है, लेकिन इसे कभी भी हमारे लोगों की सीमाओं को तय नहीं करना चाहिए।" उन्होंने कहा कि केंद्र और मिजोरम सरकार कनेक्टिविटी बढ़ाने, अवसर पैदा करने और आजीविका में सुधार के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री के 'अष्ट लक्ष्मी' विजन का जिक्र करते हुए सिंधिया ने कहा कि आठ पूर्वोत्तर राज्यों ने 9 से 11 प्रतिशत के बीच कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) दर्ज की है, जो वैश्विक और राष्ट्रीय विकास दरों से अधिक है।
उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में विकास के प्रयासों के साथ-साथ यहां के समृद्ध प्राकृतिक पर्यावरण और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण भी किया जाना चाहिए, साथ ही आर्थिक विकास के नए रास्ते भी खोले जाने चाहिए।
उन्होंने कहा, "मिजोरम एक ऐसी जगह है जहां पहाड़ शानदार हैं, लेकिन मिजोरम के लोगों की आकांक्षाएं पहाड़ों की ऊंचाई से भी कहीं अधिक ऊंची हैं।" कनेक्टिविटी और आर्थिक मौके
रेलवे कनेक्टिविटी में सुधार का ज़िक्र करते हुए, सिंधिया ने कहा कि 52 किलोमीटर लंबी बैराबी-साइरंग रेलवे लाइन ने मिज़ोरम को पहली बार भारत के रेलवे मैप पर जगह दिलाई है। उनके अनुसार, इस लाइन ने पिछले साल 1,100 से ज़्यादा ट्रेन ट्रिप के ज़रिए लगभग 15 लाख यात्रियों को यात्रा कराई और आइजोल को गुवाहाटी, कोलकाता और दिल्ली से जोड़ा।
उन्होंने राज्य में सामान की बेहतर आवाजाही के उदाहरण के तौर पर पंजाब से 26,000 क्विंटल चावल लेकर आई 42-वैगन वाली मालगाड़ी का भी ज़िक्र किया।
उन्होंने कहा, "मिज़ोरम का बांस, पंजाब का चावल, मिज़ोरम का अदरक - ये सिर्फ़ स्वाद के जुड़ाव नहीं हैं। ये दिलों और अनुभवों के जुड़ाव हैं।"
सिंधिया ने कहा कि केंद्र सरकार, मुख्यमंत्री लालदुहोमा के साथ मिलकर 200 करोड़ रुपये के 'अदरक मिशन' पर काम कर रही है। इसका मकसद खेती, प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग, ट्रांसपोर्टेशन और अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों तक पहुँच को शामिल करते हुए एक इंटीग्रेटेड वैल्यू चेन बनाना है।
स्थानीय आर्थिक फ़ायदों के महत्व पर ज़ोर देते हुए उन्होंने कहा कि मिज़ोरम के उत्पादों से बनने वाली वैल्यू राज्य के भीतर ही रहनी चाहिए, और स्थानीय समुदायों को उनसे जुड़ी इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी, स्किल्स और क्षमताओं का फ़ायदा मिलना चाहिए।
पर्यटन के बारे में मंत्री ने बताया कि साल के पहले छह महीनों में मिज़ोरम में लगभग 5.5 लाख पर्यटक आए, जिनमें करीब 9,000 विदेशी पर्यटक शामिल थे। उन्होंने आगे कहा कि केंद्र सरकार राज्य सरकार के साथ पर्यटन और खेल से जुड़े अतिरिक्त प्रोजेक्ट्स पर बातचीत कर रही है।
मिज़ोरम में 4,710 करोड़ रुपये के DoNER प्रोजेक्ट्स
सिंधिया ने कहा कि DoNER मंत्रालय के पास अभी मिज़ोरम में लगभग 4,710 करोड़ रुपये के 375 प्रोजेक्ट्स हैं। इनमें से लगभग 295 प्रोजेक्ट्स, जिनकी लागत 2,700 करोड़ रुपये है, पूरे हो चुके हैं।
उन्होंने कहा, "यह सिर्फ़ डेटा नहीं है। यह कोई वादा नहीं है। यह हमारा ट्रैक रिकॉर्ड है।" सोमवार को जिन 10 प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया गया या जिनकी आधारशिला रखी गई, उनकी कुल कीमत लगभग 331 करोड़ रुपये है। इनमें सड़क, बिजली, पानी की सप्लाई, हेल्थकेयर, शिक्षा, खेल और कला-शिल्प जैसे कई सेक्टर शामिल हैं।
सिंधिया ने इन पहलों को दो मुख्य कैटेगरी में बांटा: "रूट्स" (routes), जो इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी को दिखाते हैं, और "रूट्स" (roots), जो हेल्थकेयर, शिक्षा, टैलेंट डेवलपमेंट और कला-संस्कृति से जुड़े हैं।
उन्होंने मिजोरम की मज़बूत कम्युनिटी भावना की भी तारीफ़ की और लोगों से अपनी सांस्कृतिक पहचान बनाए रखते हुए आर्थिक और सामाजिक दायरे को बढ़ाने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा, "मिजोरम को अपनी पहचान बनाए रखते हुए आगे बढ़ना चाहिए। लेकिन अपनी पहचान बनाए रखने के साथ-साथ उसे अपने दायरे को भी बढ़ाते रहना चाहिए। हमारे पहाड़ भले ही ऊंचे हों, लेकिन हमारे मौके उनसे भी ऊंचे होने चाहिए।"
सिंधिया नॉर्थईस्ट बैंकर्स कॉन्क्लेव में शामिल होंगे
अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार को दिल्ली रवाना होने से पहले सिंधिया मिजोरम यूनिवर्सिटी में नॉर्थईस्ट बैंकर्स कॉन्क्लेव में शामिल होंगे।
इस कॉन्क्लेव में बैंकिंग सेक्टर के प्रतिनिधि एक साथ आएंगे।
Tags: