शिलॉन्गमेघालय सरकार ने पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करने वाले अवैध कोक प्लांटों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। राज्य में 2023 से अब तक 72 अवैध कोक प्लांटों को ध्वस्त किया जा चुका है। मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने विधानसभा में इसकी जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि यह कार्रवाई मेघालय स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (MSPCB) की ओर से दो चरणों में की गई। पहले चरण में जुलाई 2023 में 44 कोक प्लांट हटाए गए, जबकि दूसरे चरण में वर्ष 2025 के दौरान 28 अवैध इकाइयों पर कार्रवाई की गई।
वेस्ट खासी हिल्स में सबसे ज्यादा कार्रवाई
सरकार के अनुसार, 2023 में ध्वस्त किए गए 44 प्लांटों में से 39 वेस्ट खासी हिल्स और 5 ईस्ट खासी हिल्स जिले में थे। वहीं 2025 में हटाए गए 28 प्लांटों में 17 वेस्ट खासी हिल्स और 11 ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले में स्थित थे।
पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी उद्योग बिना जरूरी मंजूरी और पर्यावरणीय अनुमति के संचालित नहीं किया जा सकता। नियमों का उल्लंघन करने वाली औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
उन्होंने कहा कि उद्योगों को स्थापित करने और संचालन के लिए निर्धारित मानकों का पालन करना अनिवार्य है। सरकार का उद्देश्य विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी सुनिश्चित करना है।
प्रदूषण नियंत्रण पर सरकार का जोर
विधानसभा में चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में कई औद्योगिक इकाइयों की जांच की गई है और प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों की निगरानी को मजबूत किया जा रहा है।
अवैध कोक प्लांटों पर कार्रवाई को पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है।
आगे भी जारी रहेगी निगरानी
राज्य सरकार का कहना है कि औद्योगिक गतिविधियों में नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए लगातार निरीक्षण किए जाएंगे। बिना अनुमति चलने वाले उद्योगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मेघालय में कोक उद्योग लंबे समय से रोजगार और पर्यावरण दोनों से जुड़ा मुद्दा रहा है। सरकार अब नियमों के पालन और सतत विकास पर अधिक ध्यान दे रही है।
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