मेघालय: मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने 18 सितंबर को 139वें यूनिटेरियन दिवस पर यूनिटेरियन समुदाय को बधाई दी। उन्होंने खासी-जयंतिया पहाड़ियों में इस आंदोलन की गहरी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जड़ों का ज़िक्र किया।
इस इलाके में यूनिटेरियन आंदोलन की शुरुआत हाजोम किसोर सिंह ने की थी। उन्होंने 18 सितंबर, 1887 को जोवाई में अपने घर पर पहली यूनिटेरियन प्रार्थना सभा आयोजित की थी।
अपने संदेश में संगमा ने कहा कि यह मौका यूनिटेरियन समुदाय के योगदान को पहचानने का है। इस समुदाय ने आस्था, शांति, तर्क, सहनशीलता और सेवा के मूल्यों को बनाए रखते हुए मेघालय की अनोखी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संजोकर रखा है।
मुख्यमंत्री ने राज्य में समुदाय की लंबे समय से मौजूदगी को मेघालय की अनेकता वाली परंपराओं का प्रतीक बताया। उन्होंने अलग-अलग धर्मों के लोगों के बीच आपसी सम्मान और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के महत्व पर ज़ोर दिया।
18 सितंबर को मनाया जाने वाला यह सालाना कार्यक्रम 1887 में सिंह की पहली यूनिटेरियन प्रार्थना सभा की याद दिलाता है। साथ ही, यह उस आध्यात्मिक परंपरा के जारी रहने का भी प्रतीक है जो लगभग 140 वर्षों से खासी-जयंतिया पहाड़ियों में रची-बसी है।
संगमा ने यूनिटेरियन समुदाय को हार्दिक बधाई दी और उम्मीद जताई कि यह मौका शांति, आस्था और सेवा के मूल्यों के ज़रिए आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।