इंफाल: मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में सुरक्षाबलों ने खुफिया सूचना पर कार्रवाई करते हुए कुकी नेशनल फ्रंट-मिलिट्री काउंसिल यानी केएनएफ-एमसी के एक संदिग्ध सदस्य को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, अभियान में विदेश निर्मित दो राइफलें, विभिन्न प्रकार के 240 कारतूस और करीब 1.027 किलोग्राम संदिग्ध ब्राउन शुगर बरामद हुई। कार्रवाई के दौरान एक सफेद बोलेरो वाहन भी जब्त किया गया। हथियारों और संदिग्ध मादक पदार्थ की बरामदगी के संबंध में जांच जारी है। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान 23 वर्षीय लेटखोथांग खोंगसाई के रूप में हुई है। वह डी. ल्हांगजोल गांव का निवासी बताया गया है। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक पूछताछ में उसने खुद को केएनएफ-एमसी का कैडर बताया। संगठन से उसके कथित संबंध की यह जानकारी पुलिस के बयान पर आधारित है। मामले में उसकी भूमिका और बरामद सामग्री से जुड़े अन्य तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।
खुफिया सूचना पर संयुक्त टीम ने की कार्रवाई
अभियान सोमवार, 26 अक्टूबर की रात चुराचांदपुर जिले के एम. सोंगेल के पास किंगकिन गांव में चलाया गया। इसमें जिला पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की 129वीं बटालियन और 5 असम राइफल्स की संयुक्त टीम शामिल थी। अभियान के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने एक संदिग्ध सफेद बोलेरो को रोका और उसकी तलाशी ली। इसी दौरान हथियार, कारतूस और संदिग्ध मादक पदार्थ मिलने की बात कही गई है। इसके बाद खोंगसाई को गिरफ्तार किया गया। उपलब्ध जानकारी में वाहन के शुरुआती स्थान, गंतव्य अथवा उसमें रखी सामग्री की संभावित आपूर्ति के बारे में विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है। यह कार्रवाई किसी सामान्य हथियार बरामदगी से अलग इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि एक ही वाहन से हथियारों के साथ संदिग्ध मादक पदार्थ मिलने की जानकारी सामने आई है।
एके सीरीज और एमए1 राइफल बरामद
बरामद हथियारों में विदेश निर्मित एक एके सीरीज राइफल और एक एमए1 राइफल शामिल है। इनके साथ विभिन्न प्रकार के कुल 240 कारतूस मिले हैं। पुलिस के मुताबिक, वाहन में दो पारदर्शी प्लास्टिक पैकेट भी रखे थे, जिनमें करीब 1.027 किलोग्राम संदिग्ध ब्राउन शुगर थी। हथियारों को विदेश निर्मित बताया गया है, लेकिन इससे उनका इस मामले में सीमा पार से लाया जाना स्वतः साबित नहीं होता। वे आरोपी तक कैसे पहुंचे, उनका स्रोत क्या था और उन्हें कहां ले जाया जा रहा था, इन सवालों पर जांच से स्थिति स्पष्ट होगी। उपलब्ध रिपोर्टों में बरामद हथियारों के किसी विशेष हिंसक घटनाक्रम में इस्तेमाल का दावा नहीं किया गया है। इसी तरह संदिग्ध मादक पदार्थ की अनुमानित बाजार कीमत सार्वजनिक नहीं की गई है। इसलिए बरामदगी का मूल्य बताने के लिए कोई अपुष्ट आंकड़ा जोड़ना उचित नहीं होगा।
पूछताछ में केएनएफ-एमसी से संबंध का दावा
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में खोंगसाई ने केएनएफ-एमसी से जुड़े होने की जानकारी दी। पीटीआई की रिपोर्ट में इस संगठन को केंद्र और मणिपुर सरकार के साथ सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस यानी एसओओ समझौता करने वाले कुकी और जोमी समूहों में शामिल बताया गया है। इस पृष्ठभूमि के कारण आरोपी की कथित संगठनात्मक पहचान जांच का महत्वपूर्ण पहलू है। फिर भी किसी व्यक्ति से हुई बरामदगी के आधार पर पूरे संगठन की संलिप्तता का निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। इसके लिए सामग्री के स्रोत, स्वामित्व और उससे संबंधित संपर्कों के प्रमाण आवश्यक होंगे। गिरफ्तारी के बाद की अदालती पेशी, हिरासत की अवधि और दर्ज धाराओं का विस्तृत ब्योरा उपलब्ध खबरों में नहीं दिया गया है। आरोपी की ओर से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया भी सामने नहीं आई है। आगे की कानूनी प्रक्रिया में आरोपों और साक्ष्यों की जांच होगी।
इंफाल पूर्व में अलग अभियान में भी मिले हथियार
चुराचांदपुर की कार्रवाई से अलग, इंफाल पूर्व जिले में भी सुरक्षाबलों ने हथियार और गोला-बारूद बरामद किया। आईएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार, सीआरपीएफ की क्विक एक्शन टीम और मणिपुर पुलिस कमांडो ने बोंगबाल खोलेन की तलहटी में खुफिया सूचना के आधार पर संयुक्त अभियान चलाया। इस तलाशी में एक ए1 राइफल, एक .303 लाइट मशीन गन, पिस्तौलें और 12 बोर की बंदूकें मिलने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा हथगोले, एक राइफल ग्रेनेड, एक पोम्पी शेल, विभिन्न प्रकार का गोला-बारूद तथा चार वायरलेस रेडियो सेट और एक चार्जर भी बरामद किए गए। दोनों अभियानों को अलग रखना जरूरी है। इंफाल पूर्व में मिली पूरी सामग्री को चुराचांदपुर में गिरफ्तार व्यक्ति से बरामद बताना सही नहीं होगा। उपलब्ध रिपोर्टों में इन दोनों कार्रवाइयों के बीच प्रत्यक्ष संबंध स्थापित नहीं किया गया है।
संवेदनशील इलाकों में जारी हैं सुरक्षा अभियान
अधिकारियों के अनुसार, मणिपुर के विभिन्न जिलों में तलाशी और क्षेत्रीय सुरक्षा अभियान जारी हैं। संवेदनशील क्षेत्रों तथा मिश्रित आबादी वाले इलाकों में निगरानी की जा रही है। आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई करने वाले वाहनों की सुरक्षित आवाजाही के लिए महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था भी रखी गई है। चुराचांदपुर मामले में अब आगे की जांच से हथियारों और संदिग्ध मादक पदार्थ के स्रोत तथा गिरफ्तार व्यक्ति की भूमिका स्पष्ट होगी। फिलहाल पुलिस ने बरामद सामग्री और वाहन जब्त करने की जानकारी दी है।
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