Chandmari गांव की 75वीं वर्षगांठ पर डिप्टी सीएम नेमचा किपगेन ने नशा-मुक्त समाज की अपील की
Manipur मणिपुर: मणिपुर के कांगपोकपी जिले के चांदमारी गांव में 28 अप्रैल को 75वीं वर्षगांठ (प्लैटिनम जुबली) का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर मणिपुर के उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और ग्रामीणों से नशा-मुक्त तथा स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए मिलकर काम करने की अपील की।
यह आयोजन Chandmari Village, Kangpokpi, Manipur की 75 साल की यात्रा को समर्पित था, जिसे गांव की विरासत, एकता और विकास का प्रतीक माना गया। कार्यक्रम का आयोजन चांदमारी विलेज अथॉरिटी और उसकी जुबली कमेटी द्वारा किया गया, जिसमें गांव के लोगों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया।
यह प्लैटिनम जुबली (1951–2026) गांव के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में मनाई गई, जिसमें दशकों की सामाजिक और सांस्कृतिक यात्रा को याद किया गया। कार्यक्रम में गांव के विकास, परंपराओं और सामुदायिक एकता को प्रमुख रूप से दर्शाया गया।
मुख्य अतिथि नेमचा किपगेन ने कार्यक्रम के दौरान जुबली मोनोलिथ का अनावरण किया और प्रतीकात्मक रूप से गुब्बारे छोड़कर उत्सव की शुरुआत की। उन्होंने अपने संबोधन में ग्रामीणों को बधाई देते हुए कहा कि समाज को नशा मुक्त बनाना और युवाओं को सही दिशा देना समय की जरूरत है।
इस कार्यक्रम में खोखेंग के चीफ थांगखोकलेन किपगेन ने नींव के पत्थर का अनावरण किया, जबकि रेव. जे. लुंकिम ने विशेष संरचना को धार्मिक रूप से समर्पित किया। इन सभी कार्यक्रमों ने समारोह को और अधिक सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रूप प्रदान किया।
समारोह की सबसे खास बात पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुति रही, जिसमें गांव के मुखियाओं, बुजुर्गों और चर्च के नेताओं ने मिलकर पारंपरिक दहपी (गोंग) को 75 बार बजाया। यह प्रतीकात्मक प्रस्तुति गांव के 75 वर्षों के सफर और उपलब्धियों को दर्शाने के लिए की गई।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवा, महिलाएं और सामाजिक प्रतिनिधि शामिल हुए। सभी ने गांव की एकता और प्रगति के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया। आयोजन के दौरान सांस्कृतिक नृत्य और पारंपरिक प्रस्तुतियां भी देखने को मिलीं।
उपमुख्यमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास तभी संभव है जब समाज नशे जैसी बुराइयों से दूर रहकर शिक्षा, स्वास्थ्य और सामूहिक विकास पर ध्यान दे। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे समाज निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ग्रामीण विकास और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है, लेकिन इसमें स्थानीय लोगों की भागीदारी बेहद जरूरी है।
यह समारोह न केवल एक उत्सव था, बल्कि गांव की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने का एक अवसर भी बना। लोगों ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बताया और भविष्य में भी इसी तरह की एकता बनाए रखने की बात कही।
कुल मिलाकर, चांदमारी गांव की 75वीं वर्षगांठ का यह आयोजन परंपरा, विकास और सामाजिक संदेशों का संगम रहा, जिसमें नशा-मुक्त समाज और सामुदायिक एकता का मजबूत संदेश दिया गया।