इंफाल: 'मेइतेई एलायंस' ने मणिपुर में जारी हिंसा की निंदा की है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि नागरिकों की सुरक्षा के लिए तुरंत कदम उठाए जाएं, सुरक्षा में हुई चूक की जांच की जाए और हाल ही में सीमा पार से हुई घुसपैठ के लिए जिम्मेदार लोगों पर कानूनी कार्रवाई की जाए।
एलायंस ने कामजोंग, कांगपोकपी और उखरुल जिलों में हुए हमलों पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि इन हमलों से लियांगमाई और तंगखुल नागा समुदाय बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
एलायंस का आरोप है कि म्यांमार स्थित 'कुकी नेशनल आर्मी-बर्मा' (KNA-B) के भारी हथियारों से लैस उग्रवादी इन हमलों को अंजाम दे रहे हैं।
एलायंस ने नागा नागरिक अजिनबोउ रिंगकांगमाई का सिर काटे जाने की घटना की भी कड़ी निंदा की है। उन्होंने बताया कि उनका सिर अभी तक नहीं मिला है। एलायंस ने उनके अवशेषों को बरामद करने और इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की है।
एलायंस ने सवाल उठाया है कि केंद्र और राज्य सुरक्षा बलों की मौजूदगी के बावजूद, संघर्ष शुरू होने के तीन साल से अधिक समय बाद भी हमले, संपत्ति का नुकसान और आजीविका का छिन जाना क्यों जारी है?
उन्होंने उन हजारों विस्थापित लोगों (IDPs) की दयनीय स्थिति का भी मुद्दा उठाया, जो बहुत खराब हालात में भीड़भाड़ वाले राहत शिविरों में रह रहे हैं। उनके घर लौटने को लेकर भी कोई स्पष्ट समय-सीमा तय नहीं है।
एलायंस ने राजनीतिक दलों की आलोचना करते हुए कहा कि वे आगामी विधानसभा चुनावों के लिए अपनी चुनावी रणनीतियों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक हितों से कहीं ज्यादा प्राथमिकता नागरिकों के पुनर्वास और शांति बहाली को दी जानी चाहिए।
इसके साथ ही, उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वे संवेदनशील सीमावर्ती इलाकों को सुरक्षित बनाएं और यह सुनिश्चित करें कि विस्थापित लोग सम्मान के साथ अपने घर लौट सकें।
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