मणिपुर में नशे के खिलाफ बड़ी पहल, 'हिनची' प्रोजेक्ट से किसानों को नई राह
Imphal इंफाल: मणिपुर पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार और अफीम की खेती पर रोक लगाने के लिए एक अनोखी और सराहनीय पहल शुरू की है। मणिपुर पुलिस ने नारकोटिक्स कंट्रोल बयूरो (एनसीबी) के साथ मिलकर चुराचांदपुर जिले में 'हिनची' नामक सामुदायिक परियोजना की शुरुआत की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए मणिपुर पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
मणिपुर पुलिस ने एक्स पोस्ट में बताया कि 'हिनची' का अर्थ है, 'जीवन के बीज', जो उम्मीद और नई शुरुआत का प्रतीक है।
पुलिस के अनुसार, इस पहल के तहत जिले के तीन संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित किया गया, जहां अवैध अफीम खेती की आशंका अधिक थी। इन इलाकों में लगातार संवाद और जागरूकता अभियान चलाकर सभी गांवों के मुखियाओं और 127 परिवारों को विश्वास में लिया गया। उन्हें अवैध खेती छोड़कर वैध और टिकाऊ आजीविका अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
परियोजना को कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के तहत सेगुला टेक्नोलॉजीज से 28 लाख रुपए की आर्थिक सहायता मिली। इस सहयोग से मणिपुर पुलिस ने किसानों को वैकल्पिक खेती के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए। लाभार्थियों के बीच करीब 55,000 किलोग्राम अदरक के बीज, 450 किलोग्राम मटर के बीज और 6,500 केले के पौधे वितरित किए गए।
मणिपुर पुलिस ने बताया कि आगे की योजना के तहत मणिपुर पुलिस, एनसीबी और स्थानीय एनजीओ एनएआरपीएस की संयुक्त टीमें नियमित निगरानी करेंगी। इसका उद्देश्य परियोजना में पारदर्शिता बनाए रखना, किसानों को निरंतर मार्गदर्शन देना और फसल के बाद बाजार से जोड़ने में मदद करना है।
'हिनची' पहल सामूहिक प्रयास का एक मजबूत उदाहरण बनकर उभरी है, जो जोखिम को अवसर में बदलते हुए किसानों को आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ा रही है। यह पहल न केवल नशे के अवैध कारोबार पर रोक लगाने में मदद करेगी, बल्कि क्षेत्र में सुरक्षित और स्थायी विकास की राह भी प्रशस्त करेगी।