Manipur मणिपुर: बढ़ते संघर्ष और हालिया हिंसा के बीच, केंद्रीय ग्राम रक्षा बल (CVDF) ने पूर्व थानलोन विधायक वुंगज़ागिन वाल्टे और कुकि-जोमी-हमार समुदाय के उन सदस्यों के लिए न्याय की मांग को लेकर रोड मार्च का आयोजन किया, जिनकी हालिया मणिपुर संघर्ष में जान चली गई।
रैली में सैकड़ों ग्रामीण और युवा शामिल हुए। उन्होंने हाथों में प्लेकार्ड और बैनर लिए हुए थे, जिन पर “न्याय चाहिए”, “हमारी आवाज सुनी जाए” और “वुंगज़ागिन वाल्टे को सम्मान मिले” जैसे नारे लिखे थे। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन और राज्य सरकार से तुरंत कार्रवाई करने और प्रभावित समुदायों के लिए न्याय सुनिश्चित करने की मांग की।
केंद्रीय ग्राम रक्षा बल के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह रोड मार्च एक शांतिपूर्ण लेकिन निर्णायक संदेश देने का प्रयास है। उन्होंने बताया कि आंदोलन का उद्देश्य केवल पूर्व विधायक और प्रभावित समुदायों के परिवारों के लिए न्याय मांगना ही नहीं, बल्कि मणिपुर में हिंसा और संघर्ष को रोकने के लिए प्रशासन की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करना भी है। स्थानीय लोगों ने बताया कि संघर्ष की वजह से कई परिवारों की संपत्ति और आजीविका प्रभावित हुई है। प्रदर्शनकारी राज्य प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि मृतक परिवारों को मुआवजा और कानूनी सहायता प्रदान की जाए।
यह रोड मार्च सामाजिक न्याय और शांति की दिशा में ग्रामीण संगठनों की बढ़ती सक्रियता को दर्शाता है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे लगातार अपनी मांगों को लेकर मुखर रहेंगे और न्याय दिलाए जाने तक आंदोलन जारी रहेगा। स्थानीय प्रशासन ने स्थिति पर नजर रखते हुए सुरक्षा बढ़ा दी है और प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किए हैं। ग्रामीण नेताओं ने सभी को संयम रखने और हिंसा से दूर रहने की अपील की।