Manipur: 24 घंटे की हड़ताल से जनजीवन और स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम प्रभावित
Imphal इंफाल: शनिवार को पूरे मणिपुर में आम जनजीवन लगभग ठप हो गया। कई प्रतिबंधित भूमिगत संगठनों के गठबंधन द्वारा बुलाई गई 24 घंटे की आम हड़ताल के कारण स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों में बाधा आई और 80वें स्वतंत्रता दिवस का बहिष्कार किया गया।
14 अगस्त की आधी रात से शुरू हुए इस बंद का नेतृत्व 'कोऑर्डिनेशन कमेटी' (CorCom) और 'कांगलेईपाक कम्युनिस्ट पार्टी' (KCP)-अपुनबा जैसे समूहों ने किया।
बहिष्कार के जवाब में राज्य प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी। घाटी के जिलों में अहम चौराहों, संवेदनशील इलाकों और सार्वजनिक जगहों पर भारी हथियारों से लैस पुलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया। इंफाल में सुरक्षा व्यवस्था खास तौर पर कड़ी थी, क्योंकि यहीं राज्य-स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किया गया था।
हड़ताल का असर व्यापारिक गतिविधियों और लोगों की आवाजाही पर बुरी तरह पड़ा; सुरक्षा चिंताओं के कारण मुख्य बाजार, दुकानें और निजी व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे।
इंफाल और अन्य जिला मुख्यालयों की सड़कें लगभग सुनसान रहीं, जबकि कमर्शियल ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर, ऑटो-रिक्शा और निजी वाहन सड़कों से नदारद रहे।
घाटी में पेट्रोल पंप भी बंद रहे, जिससे सामान्य परिवहन प्रभावित हुआ। मुख्य सड़कों पर सुरक्षा गश्त और जवानों को ले जाने वाले काफिले ही इक्का-दुक्का वाहन के तौर पर दिखाई दिए।
हालांकि, हड़ताल बुलाने वाले समूहों ने बंद के दौरान जरूरी सेवाओं को छूट दी थी। आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं, दवा की दुकानें, अग्निशमन सेवाएं, जलापूर्ति, मीडिया संचालन और धार्मिक कार्यक्रमों को जारी रखने की अनुमति दी गई थी।
यह बंद 1949 में मणिपुर के भारतीय संघ में विलय के प्रति भूमिगत समूहों के लगातार विरोध को दर्शाता है।
इस पूर्व रियासत ने अक्टूबर 1949 में भारत के साथ विलय समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, और विलय का विरोध करने वाले समूह मणिपुर के राजनीतिक दर्जे को लेकर हड़ताल और अन्य तरह के विरोध-प्रदर्शन आयोजित करते रहे हैं।