
इंफाल: मणिपुर में मई 2023 में जातीय संघर्ष शुरू होने के करीब 21 महीने बाद राज्य सरकार ने बुधवार को पुलिस और सामान्य प्रशासन दोनों में बड़े बदलाव किए। अधिकारियों ने बताया कि मणिपुर के मुख्य सचिव प्रशांत कुमार सिंह द्वारा जारी आदेश के अनुसार वरिष्ठ आईएएस, आईपीएस और मणिपुर सिविल सेवा अधिकारियों सहित 70 अधिकारियों का तबादला कर उन्हें नए स्थानों और विभागों में तैनात किया गया है। जबकि 10 आईपीएस और मणिपुर पुलिस सेवा के अधिकारियों का तबादला कर उन्हें नई पोस्टिंग दी गई है, वहीं आईएएस और मणिपुर सिविल सेवा सहित 60 नौकरशाहों का तबादला किया गया है। मीताई और कुकी-जो आदिवासियों के बीच जातीय दंगे के कारण मणिपुर हिल और वैली में जातीय विभाजन देखा गया है। कई संगठनों के नेताओं ने आरोप लगाया है कि जातीय हिंसा के बाद प्रशासन और पुलिस भी जातीय आधार पर बंटी हुई है। 3 जनवरी को पूर्व केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला ने मणिपुर के राज्यपाल का पदभार संभाला। उन्होंने लक्ष्मण प्रसाद आचार्य से पदभार संभाला जो असम के राज्यपाल थे और इसके अलावा मणिपुर के राज्यपाल का कार्यभार भी संभाल रहे थे। 1993 बैच के आईएएस अधिकारी प्रशांत कुमार सिंह ने 15 जनवरी को विनीत जोशी की जगह संकटग्रस्त राज्य के मुख्य सचिव का पदभार संभाला। वे केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सचिव थे। बुधवार के आदेश में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पॉलुनथांग वैफेई को अतिरिक्त मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है। थौबल जिले के वर्तमान पुलिस अधीक्षक आईपीएस अधिकारी राकेश बलवाल को इंफाल पूर्वी जिले का एसपी बनाया गया है।