इंफाल। मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने मंगलवार को लोगों और नागरिक संगठनों से अपनी शिकायतों और समस्याओं के समाधान के लिए बातचीत का रास्ता अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बातचीत के लिए तैयार है और किसी भी मुद्दे पर संवाद के दरवाजे खुले हैं। मुख्यमंत्री ने बंद और नाकेबंदी से बचने की अपील करते हुए कहा कि ऐसी गतिविधियों का सबसे ज्यादा असर दैनिक वेतन पर काम करने वाले लोगों, व्यापार और राज्य की आर्थिक गतिविधियों पर पड़ता है।मुख्यमंत्री इंफाल पश्चिम जिला प्रशासन की ओर से खोयाथोंग बहुउद्देशीय सामुदायिक हॉल में आयोजित 'सेवा संकल्प अभियान' कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में थांगमेइबंद के विधायक खुमुकचम जॉयकिशन सिंह सहित सरकारी अधिकारी और अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे। अभियान के दौरान पात्र लाभार्थियों को विभिन्न सामाजिक कल्याण योजनाओं का लाभ भी दिया गया।
तीन साल के संकट से अर्थव्यवस्था प्रभावित
मुख्यमंत्री ने कहा कि मई 2023 से शुरू हुए लंबे संकट ने मणिपुर की अर्थव्यवस्था को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। उनके मुताबिक व्यापार, परिवहन और सामान्य आर्थिक गतिविधियों में व्यवधान के कारण राज्य को राजस्व का बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है।कार्यक्रम से जुड़ी रिपोर्ट के अनुसार मुख्यमंत्री ने पिछले तीन वर्षों में कुल राजस्व नुकसान का अनुमान करीब **1,300 करोड़ रुपये** बताया। उन्होंने वित्त वर्ष 2023-24 में ही जीएसटी संग्रह में करीब **475 करोड़ रुपये** के नुकसान का उल्लेख किया। इससे पहले 16 सितंबर को एक अन्य कार्यक्रम में खेमचंद सिंह ने कहा था कि 2023 से 2026 के बीच लंबे संघर्ष के कारण राज्य के जीएसटी राजस्व में 1,200 करोड़ रुपये से अधिक की गिरावट आई है।
बंद और नाकेबंदी से गरीबों पर सबसे ज्यादा असर
मुख्यमंत्री ने कहा कि विरोध या शिकायत दर्ज कराने के लिए बंद और नाकेबंदी जैसे तरीकों का इस्तेमाल आम लोगों की परेशानियां बढ़ाता है। उन्होंने विशेष रूप से दैनिक वेतन भोगियों का जिक्र किया, जिनकी आमदनी रोज होने वाले काम पर निर्भर रहती है।लंबे समय तक बाजार बंद रहने, वाहनों की आवाजाही रुकने और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित होने से छोटे व्यापारियों तथा मजदूरों पर सीधा आर्थिक असर पड़ता है। मुख्यमंत्री ने नागरिक समाज संगठनों से ऐसी परिस्थितियों से बचने और बातचीत के माध्यम से समाधान खोजने का आग्रह किया। उन्होंने पिछले सप्ताह भी नागरिक संगठनों से बंद और नाकेबंदी का सहारा नहीं लेने की अपील की थी।
मई 2023 से संकट का सामना कर रहा मणिपुर
मणिपुर में 3 मई 2023 को जातीय हिंसा भड़कने के बाद राज्य लंबे समय तक गंभीर सुरक्षा और सामाजिक संकट से जूझता रहा है। हिंसा और तनाव के कारण सामान्य जनजीवन के साथ व्यापार तथा आर्थिक गतिविधियां भी प्रभावित हुईं।मुख्यमंत्री के अनुसार इस लंबे संकट ने सरकारी राजस्व पर भी दबाव बढ़ाया। परिवहन और व्यापार में व्यवधान के साथ विभिन्न मौकों पर हुई बंद और नाकेबंदी ने आर्थिक गतिविधियों को नुकसान पहुंचाया। हाल में उन्होंने कहा था कि लंबे संघर्ष से 2023 से 2026 के बीच जीएसटी राजस्व में 1,200 करोड़ रुपये से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।
शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने पर जोर
खेमचंद सिंह ने कहा कि राज्य में धीरे-धीरे सामान्य स्थिति वापस लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने हाल में कांगपोकपी के रास्ते सड़क यात्रा फिर शुरू होने को सकारात्मक घटनाक्रम के रूप में उल्लेख किया था। मुख्यमंत्री का कहना है कि अलग-अलग समुदायों के बीच विश्वास और आपसी समझ बहाल करना राज्य की शांति और आर्थिक सुधार दोनों के लिए जरूरी है।उन्होंने लोगों से ऐसी गतिविधियों में सहयोग करने की अपील की जो राज्य में स्थायी शांति और सामान्य स्थिति की वापसी में मदद करें।
आर्थिक गतिविधियों को पटरी पर लाने की चुनौती
लंबे समय तक अशांति रहने पर उसका असर केवल सरकारी राजस्व तक सीमित नहीं रहता। स्थानीय कारोबार, परिवहन, बाजार, होटल, पर्यटन और छोटे व्यवसाय भी प्रभावित होते हैं। सामान की आवाजाही बाधित होने से कीमतों और आपूर्ति पर भी दबाव पड़ सकता है।मणिपुर जैसे भौगोलिक रूप से संवेदनशील राज्य में सड़क संपर्क आर्थिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे में बार-बार होने वाली नाकेबंदी कारोबार और सामान्य जीवन पर व्यापक असर डाल सकती है।मुख्यमंत्री ने इसी संदर्भ में सभी पक्षों से ऐसा वातावरण बनाने में सहयोग मांगा है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था दोबारा गति पकड़ सके।
बातचीत से समाधान निकालने की अपील
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी समुदाय, संगठन या व्यक्ति को कोई शिकायत है तो सरकार उससे बातचीत करने के लिए तैयार है। उनका जोर था कि विरोध के ऐसे तरीके अपनाए जाएं जिनसे आम नागरिकों की आजीविका और राज्य की अर्थव्यवस्था को नुकसान न पहुंचे।सरकार की इस अपील का मुख्य फोकस संवाद के माध्यम से सामाजिक और राजनीतिक समस्याओं का समाधान निकालने तथा बंद-नाकेबंदी के कारण होने वाले आर्थिक नुकसान को कम करने पर है।
सेवा संकल्प अभियान में बांटे गए लाभ
खोयाथोंग बहुउद्देशीय सामुदायिक हॉल में आयोजित सेवा संकल्प अभियान के दौरान सामाजिक कल्याण योजनाओं से जुड़े लाभ भी पात्र लोगों तक पहुंचाए गए। इंफाल पश्चिम जिला प्रशासन ने थांगमेइबंद विधानसभा क्षेत्र के लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से कार्यक्रम आयोजित किया था।मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान लोगों से संवाद किया और विभिन्न विभागों द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के क्रियान्वयन पर जोर दिया।
राजस्व सुधार के लिए सामान्य स्थिति जरूरी
मुख्यमंत्री के बयान के मुताबिक मई 2023 के बाद पैदा हुई परिस्थितियों ने राज्य के राजस्व और आर्थिक गतिविधियों पर भारी दबाव डाला है। उनके द्वारा बताए गए आंकड़ों के अनुसार पिछले तीन वर्षों में राजस्व नुकसान करीब 1,300 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि पूर्व में उन्होंने जीएसटी राजस्व में 1,200 करोड़ रुपये से अधिक की गिरावट की बात कही थी। ये आंकड़े अलग-अलग संदर्भों में मुख्यमंत्री द्वारा बताए गए हैं।सरकार के सामने अब शांति और सामान्य स्थिति को मजबूत करने के साथ व्यापारिक गतिविधियों को गति देने और राजस्व संग्रह सुधारने की चुनौती है। मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह ने इसी दिशा में लोगों से बंद और नाकेबंदी छोड़कर बातचीत और सहयोग का रास्ता अपनाने की अपील की है।