Manipur में बड़ी सफलता, असम राइफल्स ने अपहृत तांगखुल नागा महिला को सुरक्षित बचाया
Manipur मणिपुर: मणिपुर के कामजोंग जिले में सुरक्षा बलों को एक बड़ी सफलता मिली है, जहां असम राइफल्स ने हथियारबंद उग्रवादियों द्वारा अपहृत एक तांगखुल नागा महिला को सुरक्षित बचा लिया। यह बचाव अभियान 9 मई, 2026 को अंजाम दिया गया, जबकि महिला को 7 मई, 2026 को किडनैप किया गया था।
रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना नामली गांव की है, जहां महिला को कुकी नेशनल आर्मी-बर्मा (KNA-B) और विलेज वॉलंटियर्स ईस्टर्न ज़ोन (VVEZ) से जुड़े हथियारबंद तत्वों द्वारा उस समय अगवा कर लिया गया, जब सीमा पार से हुए एक हिंसक हमले के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई थी।
जानकारी के मुताबिक, महिला को 7 मई को नामली गांव से उठाया गया था और बाद में उसे इलाके के बाहर ले जाया गया। असम राइफल्स और खुफिया एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई के बाद 9 मई को उसे कामजोंग जिले के ज़ेड चोरो गांव के दक्षिणी हिस्से से सुरक्षित बरामद किया गया।
यह घटना भारत-म्यांमार सीमा के पास तांगखुल नागा गांवों पर हुए एक बड़े हमले का हिस्सा मानी जा रही है। इस हमले में करीब 30 घरों को आग के हवाले कर दिया गया था, जिससे लगभग 300 ग्रामीण बेघर हो गए थे। इस घटना के बाद पूरे इलाके में भय और तनाव का माहौल बन गया था।
महिला को सुरक्षित रिहा किए जाने के बाद पहले उसे ह्यूमिन पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जहां प्रारंभिक प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद उसे मेडिकल जांच और आवश्यक दस्तावेजी कार्रवाई के लिए चसाद स्थित असम राइफल्स यूनिट मुख्यालय ले जाया गया।
रक्षा विंग द्वारा शनिवार को जारी प्रेस बयान में बताया गया कि इस पूरे ऑपरेशन के दौरान कई रेस्क्यू टीमें सक्रिय थीं और समन्वित तरीके से कार्रवाई की गई। बयान में यह भी कहा गया कि हिंसा से प्रभावित क्षेत्र में कम से कम दस घरों को सुरक्षित किया गया और हालात को नियंत्रित करने के प्रयास किए गए।
सुरक्षा बलों का कहना है कि सीमा क्षेत्र में सक्रिय उग्रवादी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अभियान तेज किया गया है।
फिलहाल पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और हालात पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर मणिपुर के सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा चुनौतियों को उजागर किया है।